कॉरपोरेट टैक्स पर छूट देने से करीब 99.3 फीसदी भारतीय कंपनियां 25 फीसदी टैक्स के दायरे में आ जाएंगी, लेकिन इससे सरकार को 4,000 करोड़ रुपए के वार्षिक राजस्व का त्याग करना होगा। पेट्रोल-डीजल पर शुल्क और उपकर बढ़ाने से चालू वित्त वर्ष के बाकी नौ महीनों में 22,000 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसी तरह सुपररिच पर हॉयर टैक्स लगाने से 12-13 हजार करोड़ रुपए की वसूली हो सकती है।