MPC ने नीतिगत ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं किया, रेपो रेट 6.5 फीसदी पर स्थिर

MPC ने नीतिगत ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं किया, रेपो रेट 6.5 फीसदी पर स्थिर

Ashutosh Kumar Verma | Publish: Dec, 05 2018 03:04:56 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चली तीन दिवसीय बैठक में समिति ने रेपो रेट में बिना कोर्इ बदलाव किए 6.50 फीसदी की दर पर बरकरार रखा है। साथ ही रिवर्स रेपो रेट भी 6.25 फीसदी की दर पर बरकरार है।

नर्इ दिल्ली। कच्चे तेल के भाव में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव आैर डाॅलर के मुकाबले रुपए में स्थिरता के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) की मौद्रिक समीक्षा नीति कमेटी (एमपीसी) ने लगातार दूसरी बार अपने बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं किया है। 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चली तीन दिवसीय बैठक में समिति ने रेपो रेट में बिना कोर्इ बदलाव किए 6.50 फीसदी की दर पर बरकरार रखा है। साथ ही रिवर्स रेपो रेट भी 6.25 फीसदी की दर पर बरकरार है।

एमपीसी के सभी सदस्य दरों में कोर्इ बदलाव नहीं करने के पक्ष में

ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं करने का फैसला एमपीसी के सभी सदस्यों ने एकजुट रूप से लिया है। बैठक के दौरान सभी 6 सदस्य ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं करने के पक्ष में रहे। एमपीसी बैठक से पहले ही आर्थिक मामलों के जानकारों ने आशंका जताया था कि इस बैठक में ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं किया जाएगा।


इन बातों को ध्यान में रखते हुए नहीं बदला गया ब्याज दर

इसके पहले चालू वित्त वर्ष में एमपीसी ने दो बार 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया था। अक्टूबर माह में हुर्इ बैठक में एमपीसी ने सभी को चौंकाते हुए ब्याज दरों में कोर्इ बदलाव नहीं किया था। हालांकि इसके पहले वैश्विक बाजार समेत घरेलू बाजार में भी कर्इ तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। अक्टूबर से दिसंबर के बीच कच्चे तेल की कीमतों में 25 फीसदी तक गिरावट आर्इ है। डाॅलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 5 फीसदी तक मजबूत हुआ है। साथ में, मुद्रास्फिति दरों में गिरावट दर्ज की गर्इ है। लगातार पांच महीनों में मुद्रास्फिति अनुमानि दर से नीचे ही रहा है। इसमें खासतौर पर खाद्य पदार्थों की दरों में कमी आने की वजह आया गिरावट दर्ज किया गया है।

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