ट्रेड वॉर से अमरीका को हुआ 54,600 करोड़ रुपए का नुकसान, इस रिपोर्ट में सामने आई बात

ट्रेड वॉर से अमरीका को हुआ 54,600 करोड़ रुपए का नुकसान, इस रिपोर्ट में सामने आई बात

Saurabh Sharma | Publish: Mar, 17 2019 10:49:47 AM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

  • वर्ष 2018 में ट्रेड वॉर से अमरीका को हुआ 54000 करोड़ रुपए का नुकसान
  • चीन और यूरोपीय देशों के खिलाफ लगाए थे टैक्स
  • अमरीकी यूनिवर्सिटीज के अर्थशास्त्रियों की स्टडी से हुआ खुलासा

नई दिल्ली। जिस चीन के साथ अमरीका अपने संबंधों को मधुर करने में जुटा है। उसी चीन ने अमरीका को ट्रेड वॉर के दौरान अरबों रुपयों का नुकसान पहुंचाया है। अपने आपको दुनिया का टैरिफ मैन कहलवाने वाले अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका है। यह खुलासा अमरीकी विश्वविद्यालयों के इकोनॉमिस्ट के दल ने अपनी स्टडी में किया है।

इन लोगों ने की है स्टडी
यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले, कोलंबिया यूनिवर्सिटी, येल यूनिवर्सिटी तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ऐट लॉस एंजेलिस (यूसीएलए) के अर्थशास्त्रियों के एक दल की गई है। जिसे नेशनल ब्यूरो ऑफ इकनॉमिक रिसर्च ने पब्लिश भी किया है। स्टडी करने वालों के अनुसार उन्होंने ट्रंप की कार्रवाई के अल्पकालिक नतीजों का विश्लेषण करने के बाद पाया कि ट्रेड वॉर से लक्षित देशों से अमरीका के आयात में 31.5 फीसदी और निर्यात में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अध्ययन में यह भी जानकारी मिली कि महंगे आयात की वजह से उपभोक्ताओं और उत्पादकों को सालाना 68.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।

अमरीका को 54,600 करोड़ रुपए का नुकसान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा छेड़े गए ट्रेड वॉर से साल 2018 में अमरीकी अर्थव्यवस्था को 54,600 करोड़ रुपए (7.8 अरब डॉलर) का नुकसान हुआ है। शोधकर्ताओं ने कहा, 'ट्रेड वॉर से अमरीकी अर्थव्यवस्था को कुल मिलाकर 7.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.04 फीसदी है।' यह नुकसान अमरीका के लिए काफी बड़ा हैै।

अमरीका ने चीन और युरोपीय देशों पर लगाया था कर
खुद को 'टैरिफ मैन' करार देने वाले ट्रंप ने व्यापार घाटा कम करने के लिए अपने चुनावी अभियान और राष्ट्रपति बनने के बाद अनुचित ट्रेडेड इंपोट्र्स पर लगाम और फ्री ट्रेड अग्रीमेंट पर फिर से विचार करने का संकल्प लिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीकी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए संरक्षणवादी ट्रेंड एजेंडे को अपनाया है। वाशिंगटन तथा पेइचिंग दोनों ही महीनों तक इस ट्रेड वॉर में उलझे रहे और एक दूसरे के खिलाफ टैरिफ लगाते रहे हैं। ट्रंप ने यूरोपीय संघ और अन्य ट्रेडिंग पार्टनर्स से आयात पर भी टैरिफ लगाया, जिसका यूरोपीय संघ ने पुरजोर विरोध किया।

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