निजी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा नहीं देने पर केंद्र को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

  • ईडब्ल्यूएस और वंचित समूह को निजी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है।
  • न्यायालय के आदेश के बाद भी शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) में संशोधन नहीं किया गया।
  • कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव से मामले की अगली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है।

By: Deovrat Singh

Published: 03 Mar 2021, 06:33 PM IST

देश में केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा शिक्षा को लेकर बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती है। आरक्षित वर्ग को सभी स्तर पर फीस में छूट दी जाती है। लेकिन ईडब्ल्यूएस और वंचित समूह को निजी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा नहीं मिल पा रही है। न्यायालय के आदेश के बाद भी शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) में संशोधन नहीं किया गया। इस बाबत दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सरकार के वकील से पूछा कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चे आठवीं कक्षा के बाद आखिर कहां जाएंगे? दरअसल, शिक्षा के अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में इस श्रेणी के बच्चों के लिए सिर्फ आठवीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। सरकार द्वारा जल्द ही कोर्ट को जवाब भेजना होगा।

जस्टिस नज्मी वजीरी ने केंद्रीय शिक्षा सचिव को संक्षिप्त हलफनामा दाखिल कर जवाब माँगा है कि उन्होंने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चों के लिए 12वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा (RTE) का प्रावधान करने के आदेश का पालन क्यों नहीं किया है? हाईकोर्ट ने यह आदेश वकील अशोक अग्रवाल की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर विचार करते हुए दिया है। कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव से मामले की अगली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 17 मार्च को होनी है।

शिक्षा का अधिकार कानून में फिलहाल ईडब्ल्यूएस श्रेणी व वंचित समुदाय के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा मुहैया कराने का प्रावधान है, लेकिन इस कानून के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों को स्कूल आठवीं कक्षा के बाद फीस देने अन्यथा स्कूल से बाहर कर रहे हैं। हाईकोर्ट के दो जजों की बेंच ने गैर सरकारी संगठन सोशल जूरिस्ट की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर विचार करते हुए केंद्र सरकार को शिक्षा के अधिकार में कानून में संशोधन करने का निर्देश दिया था। इसके तहत पीठ ने ईडब्ल्यूएस और वंचित समूह के बच्चों के लिए 12वीं कक्षा तक शिक्षा को निशुल्क करने का प्रावधान करने का आदेश दिया था।

Deovrat Singh
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