मुलायम के गढ़ में आरक्षण का दांव! लिस्ट जारी होते ही कई चेहरे खिले तो कई निराश

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आरक्षण सूची ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई की पंचायत पर सबसे
बडा प्रभाव डाला है

By: Hariom Dwivedi

Updated: 04 Mar 2021, 05:59 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
इटावा. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण लिस्ट जारी होते ही कई चेहरे निराश हो गये हैं तो कइयों की खुशी देखती ही बनती है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आरक्षण सूची ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई की पंचायत पर सबसे बडा प्रभाव डाला है जहां, 26 वर्ष बाद मुलायम परिवार के इतर कोई और सैफई का ब्लॉक प्रमुख बनेग, वहीं पहली बार यहां कोई दलित ग्राम प्रधान बनेगा। जानिए इटावा जिले में क्या है आरक्षण की पूरी स्थिति..?

जिला पंचायत
इटावा जिले में जिला पंचायत की कुल 24 सीटें हैं। इसमें से 16 सीटें आरक्षित की गई हैं। आरक्षित सीटों में महिलाओं के लिए चार, ओबीसी महिलाओं के लिए 2 और एससी महिला के लिए दो सीटें आरक्षित की गईं। जबकि चार सीटें ओबीसी के लिए और चार ही सीटें एससी के लिए आरक्षित की गईं। केवल 8 सीटें अनारक्षित रहेंगी।

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ग्राम प्रधान
इटावा जिले में ग्राम प्रधानों के कुल 471 पद हैं। इनमें से एससी महिला के 40, एससी 74, ओबीसी महिला 46, ओबीसी के लिए 85 पद आरक्षित होंगे। 74 पद सामान्य महिला और 152 अनारक्षित होंगे।

ब्लॉक प्रमुख
इटावा जिले में ब्लॉक प्रमुख के आठ पदों में दो एससी, दो ओबीसी के लिए आरक्षित होंगे। इनमें एक एक पद उसी वर्ग की महिला का होगा। इसके अलावा महिला सामान्य का एक और तीन पद अनारक्षित होंगे। कुल मिलाकर तीन पदों पर महिला ब्लॉक प्रमुख चुनी जाएंगी

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