इटावा सफारी पार्क का बदलेगा नजारा, फूल पौधों के नाम पर बनाई जायेगी सड़कें

इटावा सफारी पार्क का बदलेगा नजारा, फूल पौधों के नाम पर बनाई जायेगी सड़कें

Akansha Singh | Publish: Sep, 04 2018 10:44:20 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

उत्तर प्रदेश के इटावा में निर्मित कराये गये इटावा सफारी पार्क में एक नया प्रयोग किया जा रहा है।

इटावा. लोगों के जहन से फूलों और पौधों का नाम गुम ना हो इसके लिए उत्तर प्रदेश के इटावा में निर्मित कराये गये इटावा सफारी पार्क में एक नया प्रयोग किया जा रहा है। इस प्रयोग के तहत पार्क के भीतर फूलों और पौधों के नाम पर सड़कों का नामकरण किया जा रहा है। इटावा सफारी पार्क के निदेशके वी.के. सिंह ने बताया कि इटावा सफारी पार्क में नया पन देने के लिए फूल पौधों के नाम पर सड़कों को नाम देने का काम किया जा रहा है। अभी इनके नाम के बोर्ड भी लगाए जाएंगे। बाद में जब पेड़ पौधे बड़े हो जाएंगे तो इन्हें देखकर ही सड़क का नाम पता चल जाएगा। चंबल के मिजाज को बदलने की कवायद के तहत बीहड़ों में निर्मित कराये गये इटावा सफारी पार्क में नयापन लाने के लिए अब सफारी की सड़कों का भी नामकरण किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा सफारी पर योगी सरकार की निगाह लगी हुई है। इसको खोलने की प्रकिया के तहत सरकार फूंक फूंक कर कदम रख रही है क्योंकि सरकार में बैठे नुमाइंदो को ऐसा लगता है कि इटावा सफारी पार्क की ओपनिंग अखिलेश यादव के लिए मुफीद रहेगी।

पर्यटकों के लिए खोले जाने की कवायद शुरु
खास बात यह है कि इन सड़कों के नाम अब फूल पौधों के नाम पर रखे जा रहे हैं। अलग -अलग सड़कों के किनारे अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं और जो जहां जो पौधे हैं उन्ही के नाम पर सड़कों का नाम दिया गया है। इस प्रक्रिया के चलते गुलमोहर रोड, अमलतास रोड व अशोक रोड तैयार हो गई है। अब अन्य सड़कों का नामकरण होगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने बीते एक जून को उद्घाटन किए जाने के बाद अब सफारी को पर्यटकों के लिए खोले जाने की कवायद चल रही है। इसी के तहत सफारी को सजाया संवारा जा रहा है और वे सभी व्यवस्थाएं जुटाई जा रहीं हैं जो पर्यटकों के लिए जरूरी हैं और पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। इसी क्रम में सफारी की सड़कों को नाम दिया जा रहा है। पर्यटकों की बस गुलमोहर रोड और अशोक रोड होकर सफारी के अन्दर पहुंचेगी। आगे दूसरे फूल पौधों के नाम की सड़कें मिलेंगी।


एक अक्टूबर से सफारी को पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर ली गई है। सफारी मे जो भी काम अधूरे रह गए हैं उन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है। ताकि एक अक्टूबर से पहले कोई काम अधूरा न बचे । टिकट वितरण से लेकर बसों तक की व्यवस्था की जा रही है । एक अक्टूबर को जब पर्यटक सफारी में टिकट लेकर प्रवेश करेंगे तब सफारी उन्हें अपनी ओर आकर्षित करेगी। इस बात की पूरी तैयारी कर ली गई है। यही पर्यटक बाहर जाकर जब सफारी की प्रशंसा करेंगे तब अन्य लोग भी सफारी घूमने आएंगे।

सुरक्षा का पूरा ध्यान
सफारी और पर्यटकों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यही कारण है कि सशस्त्र गार्डों की भी तैनाती की जाएगी। मुख्य गेट पर तथा टिकट काउंटर पर दो सशस्त्र गार्ड तैनात रहेंगे। इसके अलावा सफारी में कुछ अन्य स्थानों पर भी सशस्त्र गार्डों की तैनाती की जा रही है। सफारी की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था पूर्व सैनिकों के हवाले की जाएगी। इसके लिए सफारी प्रशासन सैनिक कल्याण विभाग के सम्पर्क में है। ताकि वहां से पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा सके।
इटावा सफारी पार्क में अभी जो टिकट काउंटर बनाए गए हैं वे मुख्य गेट और पार्किंग के बाद बने हुए हैं। अभी वहां से टिकट वितरण नहीं होगा । फिलहाल सफारी के मुख्य गेट के दोनों ओर टिकट काउंटर बनाए जा रहे हैं। यहीं से टिकट मिलेंगे। टिकट लिए बिना कोई भी पर्यटक या वाहन सफारी के अंदर प्रवेश नहीं कर पाएगा। टिकट की दरें पहले से ही तय कर दी गई हैं और उन्हें दरों पर टिकट दिया जाएगा। टिकट वितरण के लिए मशीनें भी मंगा ली गई हैं।

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