सरकार ने दिए दिशा-निर्देश: बदले माहौल में खुलेंगे स्कूल, पढ़ने-पढ़ाने का बदल जाएगा तरीका

कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए जब लॉकडाउन हुआ तो स्कूल-कॉलेजों के दरवाजे भी बंद हो गए। भारत के प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविद्यालय तक के 33 करोड़ से ज़्यादा विद्यार्थी घर पर बैठ गए। महामारी और लॉकडाउन का असर भारत समेत दुनियाभर के लगभग 70 फ़ीसदी छात्रों पर पड़ा है। जब बदले माहौल में स्कूल खुलेंगे, तो पढ़ने-पढ़ाने का तरीक़ा बदल जाएगा। पढ़ाई के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

By: Jitendra Rangey

Published: 08 Jun 2020, 11:09 AM IST

कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए जब लॉकडाउन हुआ तो स्कूल-कॉलेजों के दरवाजे भी बंद हो गए। भारत के प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविद्यालय तक के 33 करोड़ से ज़्यादा विद्यार्थी घर पर बैठ गए। महामारी और लॉकडाउन का असर भारत समेत दुनियाभर के लगभग 70 फ़ीसदी छात्रों पर पड़ा है। जब बदले माहौल में स्कूल खुलेंगे, तो पढ़ने-पढ़ाने का तरीक़ा बदल जाएगा। पढ़ाई के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

अब जब धीरे-धीरे लॉकडाउन में ढील दी जा रही है, तो स्कूलों को भी 15 अगस्त के बाद खोलने की तैयारी है।

एक दूसरे के खाने और सामान का इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी
वैश्विक महामारी कोविड-19 को देखते हुए जब भी शिक्षण संस्थान खुलेंगे तो छात्रों और शिक्षकों को एक दूसरे के खाने और सामान का इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने अनलॉक-1 में शिक्षण संस्थानों को खोलने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है। केंद्र ने स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए कोरोना से बचाव को लेकर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर क्या करें, क्या न करे और किन कार्यों पर रोक रहेगी, की जानकारी दी है।

ये दिए निर्देश
स्कूल या कॉलेज परिसर में एक दूसरे से बिना हाथ और गले लगे मिलना, कम से कम एक मीटर की दूरी, हर समय मास्क लगना जरूरी बताया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि दोबारा उपयोग में लाए जा सकने वाले मास्क का इस्तेमाल किया जाए। परिसर में रहने के दौरान हर थोड़ी-थोड़ी देर में साबुन से हाथ धोना या फिर हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करना होगा। बार बार अपने हाथों से चेहरा या मास्क न छुएं।

कैंटीन, प्रार्थना सभा, सेमिनार पर रोक
कैंटीन, प्रार्थना सभा या फिर अन्य जगह पर भीड़ लगाने पर रोक रहेगी। सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर रोक रहेगी। घर पहुंचने पर मोबाइल, चाबी या अन्य सामान को सैनिटाइज से साफ करें। किसी भी सोशल मीडिया या व्हाट्सएप समूह पर कोविड-19 संबंधी संदेश को भेजने से पहले उसकी जांच करें। यदि कोविड-19 संबंधी कोई लक्षण दिखे या तबीयत खराब हो तो तो 1075 हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर तुरंत मदद मांगें।


बदल जाएगा पढ़ाई का तरीक़ा?
मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने दावा किया कि जब तक बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं, तब तक ऑनलाइन क्लास के ज़रिए उनके स्कूल घर तक पहुंच गए हैं। मत्री ने कहा कि ई-लर्निंग के अलावा फ़िलहाल कोई और विकल्प नहीं है, छात्रों की पढ़ाई बिल्कुल नहीं हो पाती। उससे बेहतर है कि घर बैठे-बैठे उन्हें पढ़ने का मौक़ा मिल रहा है। शिक्षा मंत्रालय ने घरो पर बच्चों को एक साथ ऑनलाइन शिक्षा देने की कोशिश की है। हमने बच्चों को निराश नहीं होने दिया है, अभिभावकों को परेशान नहीं होने दिया है। आज अध्यापक और अभिभावक दोनों मिलकर बच्चों को संवार रहे हैं।

गाइड लाइन्स में क्या है?
लॉकडाउन को तीन फेज में बांटा गया है। इसमें पहले चरण में रेड जोन को छोड़कर सभी धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट खोले जाएंगे। दूसरे फेज में स्कूल-कॉलेज और फिर तीसरे फेज में इंटरनेशनल फ्लाइटों, मेट्रो रेल सेवाओं, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इनके जैसी बाकी जगहों को आम लोगों के लिए खोलने की बात कही गई है।

बोर्ड परीक्षा के लिए भी एचआरडी मंत्री ने जारी की थी गाइडलाइन
बता दें कि हाल ही में सीबीएसई बोर्ड ने भी बची हुई परीक्षा करवाने के लिए गाइडलाइन जारी की। इसके तहत छात्रों को अपने स्कूलों में ही परीक्षा देनी थी लेकिन बाद में छात्रों की परेशानियों को देखते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने घोषणा की थीं कि छात्र अपने गृह जिले में ही परीक्षा दे पाएंगे, क्योंकि कुछ छात्र पढ़ने के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं और लॉकडाउन के बाद वे अपने घर वापस लौट गए थे।

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