पुलिस दरोगा ने भाजपा नगर उपाध्यक्ष को जमकर पीटा, यह था मामला

Abhishek Gupta | Publish: Oct, 13 2018 07:38:49 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 07:38:50 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

भारतीय जनता पार्टी के नगर फ़तेहगढ़ मंडल के उपाध्यक्ष का उसने कॉलर पकड़कर अभद्रता की।

फर्रूखाबाद. जिले के सिपाही अपनी धौंस जमाकर मुफ्त में खाना खा रहे हैं। इसका सबूत योगी सरकार की मित्र पुलिस के दरोगा ने उस वक्त दिया जब भारतीय जनता पार्टी के नगर फ़तेहगढ़ मंडल के उपाध्यक्ष का उसने कॉलर पकड़कर अभद्रता की। सूचना पर कई बीजेपी नेता मौके पर पंहुचे और जमकर हंगामे के साथ ही पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस प्रकरण की जाँच पड़ताल कर रही है।

सिपाही की नगर उपाध्यक्ष से है खुन्नस-

कोतवाली फतेहगढ़ की कर्नलगंज चौकी के निकट फ़तेहगढ़ के नगर उपाध्यक्ष गौरव कटियार के भाई सौरभ कटियार का कटियार होटल है। सौरभ का आरोप है कि उसके होटल पर स्थानीय चौकी पर तैनात सिपाही विनीत यादव खाना खाता है, जिसका 3000 हजार रूपये उधार हो गया था। बात छेड़ने के चलते सिपाही आशीष से खुन्नस मानता है। आज चौकी के सामने से वह गुजर रहा था, उसी समय सिपाही विनीत यादव के साथ रहने वाला निजी दलाल युवक आशीष यादव उससे भिड़ गया। सिपाही भी आशीष की मदद में आ गया। आरोप है कि दोनों ने सौरभ के साथ मारपीट कर दी।सिपाही ने दरोगा को फोन पर बुला लिया।

घसीटकर चौकी के अंदर ले गया-

उसी दौरान चौकी इंचार्ज हरिओम त्रिपाठी आ गये। पीड़ित ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने सौरभ कटियार के भाई नगर उपाध्यक्ष गौरव कटियार की कालर पकड़कर उसे घसीटा और चौकी के भीतर ले गया। घटना की सूचना मिलने पर नगर अध्यक्ष रामवीर चौहान, रामवीर शुक्ला, शिवम दुबे, रानू दीक्षित, शशांक शेखर मिश्रा आदि दो दर्जन से अधिक बीजेपी नेता कर्नलगंज चौकी आ गये। कार्यकर्ताओं ने चौकी के बाहर धरने पर बैठकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान शिवम दुबे व रामवीर चौहान की दरोगा से कहा-सुनी हो गयी। उन्होंने आरोप लगाया की पुलिस अभी भी सपा की मनसिकता से कार्य कर रही है। मामले में पुलिस को तहरीर दी गयी। प्रभारी निरीक्षक झाँझन लाल सोनकर ने बताया कि किसी भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट की सूचना नहीं है। जाँच की जा रही है।

पुलिस चौकियों पर दलाल करते धन उगाई-

कर्नलगंज पुलिस चौकी पर सिपाही विनीत यादव ने अपने साथ एक अन्य युवक को लगा रखा है जो कि सिपाही के सामने चौकी प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर कागजों को देखता है वहीं सिपाही उसके सामने बैठा रहता है। जब चौकी के अधिकारी की कुर्सी दलालों के हवाले कर दी जाएगी तो जनता को न्याय मिल सकता है।

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