चार दिनों में कोरोना से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयंकर रही कि कुछ ही दिनों में कई परिवार हमेशा के लिए उजड़ गए।

By: Abhishek Gupta

Published: 09 Jun 2021, 09:00 PM IST

फर्रुखाबाद. कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयंकर रही कि कुछ ही दिनों में कई परिवार हमेशा के लिए उजड़ गए। किसी ने अपनी मां को खोया तो किसी के सिर से पिता का साया उठ गया। कुछ मामलों में माता-पिता दोनों की ही कोरोना से मौत हो गई और बच्चे हमेशा के लिए अनाथ हो गए। पूरा मामला फर्रुखाबाद का है जहां एक परिवार मातम में डूबा हुआ है। एक परिवार के दो बच्चे अनाथ हो गए हैं। अब उनकी परवरिश करने वाले दादा, दादी और पिता की कोरोना से मौत हो गयी। अब भरण पोषण भगवान भरोसे है। इन मासूम बच्चों के सामने अब अपने जीवन को लेकर जीने का संकट खड़ा हो गया है।

फर्रुखाबाद की सदर तहसील क्षेत्र के सातनपुर में कोरोना तेजी से कहर बनकर टूट रहा है। यहां एक परिवार के 2 बच्चे अनाथ हो गए हैं। अब उनकी परवरिश और भरण पोषण भगवान भरोसे है। सातनपुर में 4 महीने का आकाश व् ढाई साल का अमन अनाथ हो गए। पिता की मृत्यु ऑक्सीजन की कमी के चलते हो गई थी। आपको बताते चलें सातनपुर में शशि प्रभा तेज बुखार आने से उनकी मौत हो गई। उस के दूसरे दिन राकेश को भी बुखार आया और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजन राकेश को फर्रुखाबाद के कई अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए भटकते रहे लेकिन किसी भी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया इसके बाद राकेश को बरेली ले जाया गया जहां उसे भर्ती किया गया और इलाज के दौरान 1 घंटे बाद उसकी मौत हो गई। राकेश का का शव घर पर लाया गया जिसे देखकर उनके पिता काशीराम की भी हालत खराब हो गई। इलाज के दौरन दूसरे दिन उनकी मौत हो गई। एक ही परिवार 4 दिनों में 3 लोगों की मौत हो गई आप परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा ना ही सरकार से अभी तक कोई मदद मिल पाई है। राकेश घरो में पेंटर का काम करता था । सरकार दावा कर रही है कि कोरोना में जो भी बच्चे अनाथ हुए है उन्होंने सरकारी मदद दी जाएगी। लेकिन अभी तक ना तो इस परिवार के पास कोई टीम पहुंची है और ना ही कोई मदद।

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