जिस दरोगा ने किया भ्रष्टाचार के काले खेल पर वार, उसी को एसपी ने कर दिया निंलंबित

पीड़ित की मानें तो उसे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी गई है

By: Ashish Shukla

Published: 09 Jul 2019, 10:18 PM IST

फतेहपुर. सूबे की योगी सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त नियम कायदे बनाने की बात करती है। यहां तक कि भ्रष्टाचारी अधिकारियों और बाबुओं तक को वीआरएस दिया जा रहा है। लेकिन फतेहपुर के खखरेरु थाने में तैनात थानाध्यक्ष वीरेंद्र यादव के भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल करने वाले दरोगा को बलि का बकरा बना दिया।

बतादें कि फतेहपुर जिले के खखरेरु थाना इलाके के हल्का नंबर-3 में सन्नेश बाबू गौतम की तैनाती दरोगा के पद पर हुई है। उन्होने कुछ दिन पहले जिले की पुलिस पर भ्रष्टाचार मे लिप्त होने का आरोप लगाते हुए अपने थाने के थानाध्यक्ष वीरेंद्र यादव के भ्रष्टाचार पर खुला हमला बोला था। उन्होने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि थानाध्यक्ष वीरेन्द्र यादव गौकसी, गांजा, शराब तस्करी समेत तमाम अवैध कामों को अंजाम दिला रहे हैं। इन सब कामों के लिए वो मोटे पैसे की वसूली कर रहे हैं।

फिर क्या था ये वीडियो जैसे ही जिले के पुलिस कप्तान के पास पहुंची उन्होने इसे पुलिस विभाग की बदनामी बताते हुए दरोगा सन्नेश बाबू को ही निलंबित कर दिया। जबक आरोपी के खिलाफ कुछ खास कार्रवाई नहीं की गई। सन्नेश का कहना है कि हमें सज बोलने की सजा दी गई है। वहीं मीडिया ने जब पुलिस कप्तान से पूरे मामले मे सच्चाई जाननी चाही तो उनका कहना है कि हमने दरोगा को निलंबित करने के साथ ही आरोपी थानाध्यक्ष के खिलाफ जांच का आदेश सीओ सीटी को सौंप दिया है। कप्तान का कहना है कि अगर मामला सही पाया गया तो आरोपी थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई अवश्य की जाएगी।

Ashish Shukla
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