Swiss Bank के 50 भारतीय खाताधारकों को नोटिस, 10 के पूरे नाम उजागर

Swiss Bank के 50 भारतीय खाताधारकों को नोटिस, 10 के पूरे नाम उजागर

Ashutosh Kumar Verma | Publish: Jun, 16 2019 06:58:22 PM (IST) | Updated: Jun, 17 2019 10:41:32 AM (IST) फाइनेंस

  • स्विस बैंक में भारतीय खाताधारकों पर कसा शिकंजा
  • 50 से अधिक खाताधारकों को नोटिस
  • कुछ के पूरे नाम तो बाकी के नाम के पहले अक्षर बताए

नई दिल्ली। मोदी सरकार स्विट्जरलैंड ( Switzerland ) के बैंकों में अघोषित खातों में पैसे रखने वाले भारतीयों पर नकेल कसने की तैयारी में है। इस संबंध में स्विट्जरलैंड बैंक ( Swiss Bank ) के अधिकारी ने जानकारी दी है कि बहुत जल्द 50 भारतीय लोगों के खाते की जानकारी भारतीय अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। इस सूची में अधिकतर लोग प्रॉपर्टी, वित्तीय सेवा, टेक्नोलॉजी, टेलिकॉम, पेन्ट, घरेलू साज-सज्जा, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामाना और ज्वेलरी क्षेत्र के कारोबार से जुड़े हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इनमें कुछ डमी कंपनियों के खाते भी शामिल हैं। आपको बता दें कि स्विस बैंक की ओर से कुछ के पूरे नाम उजागर किए हैं। वहीं कुछ के नाम के पहले अक्षर को उजागर किया गया है।

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इन लोगों के नाम हुए उजागर
स्विस बैंक की ओर से जिन भारतीयों के पूरे नाम उजागर हुए हैं, वो रनत सिंह चौधरी, संजय डालमिया, पी राजमोहन राव, कुलदीप सिंह ढींगरा, भास्करन नलिनी, ललिताबेन चिमनभाई पटेल, कल्पेश हर्षद किनारीवाला, पंकज कुमार सरावणी अनिल भारद्वाज और कृष्ण भगवान रामचंद शामिल हैं।

चोरों की पनाहगाह वाली छवि से छुटकारा पाना चाहती है स्विस सरकार
इस संबंध में जानकारी दोनों देशों के प्रशासनिक सहायता की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों ने दी है। बता दें कि एक लंबे समय में स्विट्जरलैंड की सरकार अब चोरों की पनाहगाह वाली अपनी छवि को बदलने के प्रयास में है। स्विस सरकार यह नहीं चाहती कि उसे पूरी दुनिया में टैक्स हेवेन के तौर पर देखा जाए। इसके मद्देजनर स्विस सरकार ने बीते कुछ सालों में कई सुधार किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए वह विभिन्न देशों के साथ संदिग्ध व्यक्तियों संबंधी बैंकिंग सूचनाओं को साझा करने की व्यवस्था में जुटी हुई है।

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खाताधारकों को नोटिस जारी कर अपील करने का अंतिम मौका दिया
स्विस सरकार ने हाल के समय में इस प्रक्रिया को और भी तेज कर दिया है। इस कड़ी में, बीते कुछ सप्ताह में भारत से भी संबंधित मामलों में सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज किया है। भारत में कालेधन का यह मामला राजनीतिक तौर पर संवेदनशील है। हालांकि, स्विटजरलैंड के अधिकारियों ने बीते मार्च से अब तक कुल 50 भारतीय खाताधारकों को नोटिस जारी कर उनकी सूचना भारत सरकार को देने से पहले उन्हें उसके खिलाफ अपील करने का एक अंतिम मौका भी दिया है।

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गजट के माध्यम से सार्वजनिक की गई जानकारियां
बता दें कि खाताधारकों की सूचनाओं को साझा करने को लेकर भारत सरकार के साथ स्विटजरलैंड की सरकार ने समझौता किया है। स्विस सरकार ने अन्य देशों की सरकारों के साथ भी यह समझौता किया है। हालांकि, गजट के माध्यम से सार्वजनिक की गई इन जानकारियों में कुछ खाताधारकों के पूरे नाम और कुछ के सिर्फ नाम के शुरुआती अक्षर बताए हैं। इसे अतिरिक्त, खाताधारकों की राष्ट्रीयता और जन्म तिथि का भी जिक्र किया गया है। इस गजट के मुताबिक, 21 मई को 11 भारतीय खाताधारकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

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