घरों में कैद लोगों को सता रही है EMI की चिंता, कर रहे हैं डेट बढ़ाने की मांग

  • लोन की ईएमआई ( EMI ) वो नहीं जमा कर पाने से लोग परेशान
  • आम जनता से लेकर राजनेता तक मांग रहे मोहलत

Pragati Vajpai

26 Mar 2020, 04:17 PM IST

नई दिल्ली : नोएडा में रहने वाले आशीष को 21 दिनों के lockdown से कोई शिकायत नहीं है, घर में राशन-पानी से लेकर बच्चों के टाइमपास का भी पूरा इंतजाम है लेकिन EMI की चिंता उन्हें सोने नहीं देती। दरअसल अपने घर के लिए लिए गए लोन की ईएमआई ( EMI ) वो नहीं जमा कर पाएं हैं। यही बात उन्हें परेशान कर रही है। और इस वक्त हमारे देश में आशीष जैसे कई लोग है जो अपने लोन की EMI की वजह से परेशान हैं।

21 दिनों के lockdown के लिए क्या तैयार है भारत ?

इसमें सिर्फ घर खरीदने वाले ही नहीं बल्कि डेवलपर्स से लेकर राजनेता तक शामिल हैं । महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में PWD अशोक चव्हाण ने तो राज्य सरकार को इस बारे में पत्र भी लिखा है । चव्हाण ने सरकार से तत्काल प्रभाव से DEFER EMI को लागू करने की मांग रखी है। वहीं आम जनता ट्विटर के जरिए अपनी बात वित्त मंत्री तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

इससे पहले डेवलपर्स की तरफ से CREDAI-MCHI ने सरकार से देश के हालात को देखते हुए सरकार से EMI और प्रिंसिपल ड्यूज को लेकर 12 महीने की मोहलत मांगी थी ।

EMI टाइम पर न देने पर क्या होगा ?

कई बार ऐसा हो जाता है कि लोग सैलेरी टाइम पर न मिलने या खर्च ज्यादा होने की वजह से अपनी ईएमआई टाइम पर नहीं भर पाते । ऐसे में अगर लोन सरकारी बैंक से लिया गया हो और लोन की क़िस्त भी सरकारी बैंक अकाउंट से ही जा रही है, तब एक महीने की emi न देने पर आपको 500 रुपये और अगर लोन प्राइवेट बैंक से लिया गया हो तो आपको जुर्माने के तौर पर 1000 रुपये तक देनी पड़ सकता है। ये रकम सुनने में कम लग सकती है लेकिन जब ये समस्या लाखों और करोड़ों लोगों की हो तो इस पर ध्यान देने की जरूरत पैदा हो जाती है।

Pragati Bajpai Desk/Reporting
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