बैंकों के सामने बड़ा सवाल, देश के पहले आर्थिक अपराधी माल्या से कैसे वसूलेंगे अपना रुपया?

बैंकों के सामने बड़ा सवाल, देश के पहले आर्थिक अपराधी माल्या से कैसे वसूलेंगे अपना रुपया?

Saurabh Sharma | Publish: Jan, 09 2019 11:15:04 AM (IST) | Updated: Jan, 09 2019 11:15:05 AM (IST) फाइनेंस

विजय माल्या को देश का पहला भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है। नए कानून के तहत अब सरकार उसकी संपत्ति को जब्त करेगी। अब बैंकों के सामने यह सवाल पैदा हो गया है कि आखिर बैंक अपना रुपया विजय माल्या से कैसे वसूल करेंगे।

नर्इ दिल्ली। विजय माल्या को देश का पहला भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है। नए कानून के तहत अब सरकार उसकी संपत्ति को जब्त करेगी। अब बैंकों के सामने यह सवाल पैदा हो गया है कि आखिर बैंक अपना रुपया विजय माल्या से कैसे वसूल करेंगे। क्योंकि कानून के के अंतर्गत डिफाॅल्टर की संपत्ति को जब्त करने का पूरा अधिकार सरकार के पास है। इसलिए अब बैंकों को इस बात डर सताने लगा है कि वो अब अपना रुपया विजय माल्या से नहीं वसूल पाएंगे। अापको बता दें कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में बैंक डिफाॅल्टर की प्रॉपर्टी कुर्क कर अपना बकाया वसूलते थे। जबकि नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून में ऐसा कोई नियम है ही नहीं।

कैसे करेंगे बैंक रिकवरी?
एक सरकारी बैंक अधिकारी ने नाम ना प्रकाशिक करने की शर्त पर बताया कि नए कानून के अनुसार डिफाॅल्टर की सभी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार सरकार के पास होगा। बैंक इसमें कोर्इ कार्रवार्इ नहीं कर पाएंगे। एेसे में बैंक अपनी रिकवरी कैसे करेंगे, यह बड़ा सवाल बैंकों के सामने बनता जा रहा है। अब उम्मीद है कि कानून नया है तो सरकार बैंकों को भी दावा करने का मौका मिलेगा।

लीगल एक्सपर्ट्स के अनुसार
कानून के जानकारों की मानें तो नए कानून में पीएमएलए के नियम लागू नहीं होंगे। एेसे में बैंकों को जब्त की गईं करीब 12200 करोड़ की संपत्ति पर दावा करने से पहले स्थिति साफ होने का इंतजार करना होगा। इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट की आेर से माल्या को भगोड़ा करार देने को जो आवेदन दिया था उसमें लेंडर्स भी एक पक्ष के रूप में शामिल थे, लेकिन अभी तक साफ नहीं हो सका है कि लेंडर्स अपना दावा कैसे पेश करेंगे।

गिरवी शेयर्स पर बैंकों का हक
बैंकर्स के अनुसार गिरवी रखे गए शेयरों पर पहला हक बैंकों का होगा। इसका कारण यह है कि माल्या और उसकी कंपनियों को लोन देते वक्त एक चार्ज क्रिएट किया गया था। ईडी करीब 1200 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति और 11000 करोड़ रुपए के शेयरों की लिस्ट बना रहा है ताकि उन्हें जब्त किया जा सके। बैंकर्स ने कहा कि पीएमएलए के तहत ईडी उन एसेट्स को डिस्पोज कर सकता था, जिन पर कोई चार्ज न हो, लेकिन गिरवी शेयरों पर बैंकों का हक है क्योंकि इनके मामले में एक चार्ज क्रिएट किया जा चुका है।

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