भारत ने ओमान से रसायनिक उत्पादों पर शुल्क घटाने को कहा, हो सकती है बड़ी डील

भारत ने ओमान से रसायनिक उत्पादों पर शुल्क घटाने को कहा, हो सकती है बड़ी डील

Saurabh Sharma | Publish: Jul, 18 2018 08:52:25 AM (IST) फाइनेंस

भारत ने ओमान को निर्यात किए गए भारतीय रासायनिक उत्पादों पर सीमा शुल्क में कमी के लिए अनुरोध किया, जो कि लगभग पांच प्रतिशत है।

नर्इ दिल्ली। भारत ने ओमान से भारतीय रसायन उत्पादों पर सीमा शुल्क कम करने का अनुरोध किया है, जो खाड़ी देश में उनके लिए बेहतर बाजार पहुंच प्रदान करेगा। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मस्कट में भारत-ओमान संयुक्त आयोग की बैठक (16-17 जुलाई) के 8 वें सत्र के अंत में जारी एक बयान में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (डीटीएए) को अंतिम रूप देने के लिए अपने संबंधित आंतरिक अनुमोदन प्राप्त करने पर सहमत हुए है।

बयान में कहा गया, "भारत ने ओमान को निर्यात किए गए भारतीय रासायनिक उत्पादों पर सीमा शुल्क में कमी के लिए अनुरोध किया, जो कि लगभग पांच प्रतिशत है। रंग, अकार्बनिक और जैविक रसायन, कृषि रसायन और सौंदर्य प्रसाधन जैसी वस्तुओं पर टैरिफ में कमी से बेहतर बाजार पहुंच प्राप्त होगी।" यह उल्लेखनीय है कि भारत-ओमान द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) में संशोधन जारी है।

ओमान के दौरे पर पहुंचजे वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने मस्कट में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। ओमानी दल का नेतृत्व अली बिन मसूद अल सनैडी ने किया। भारत ने ओमान को सूचित किया कि चूंकि यूरिया ऑफ टेक एग्रीमेंट (यूओटीए) 2020 तक वैध है, इसलिए 2020 से 2025 तक यूओटीए के विस्तार के लिए वार्ता शुरू होनी चाहिए। ओमानी पक्ष ने कहा कि वे मौजूदा यूओटीए का 2020 से आगे विस्तार पर विचार करने के इच्छुक हैं।

भारत गैस आपूर्ति समझौते (जीएसए) की वैधता को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा कीमतों को जारी रखने का प्रस्ताव भी दे रहा है। मंत्रालय के अनुसार, भारत में दुनिया का सबसे बड़ा अपशिष्ट ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए भारत-ओमान संयुक्त उद्यम के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। बयान में कहा गया, "यह संयुक्त उद्यम प्रति वर्ष 9,000 टन नगर पालिका ठोस कचरे को संसाधित करके प्रति वर्ष 200 गीगावाट ऊर्जा उत्पन्न करेगा।"

भारत और ओमान पर्यटन के क्षेत्र में भी सहयोग करने पर सहमत हुए। सहयोग के अन्य क्षेत्रों में खनन, दूरसंचार और आईटी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा शामिल है। 2014-15 में भारत-ओमान व्यापार 4.17 अरब डॉलर था, जो 2017-18 में 6.7 अरब डॉलर हो गया है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned