Loan Restructuring : लोन मोरेटोरियम खत्म होने पर कैसे कम करें EMI, जानें आसान तरीका

  • Loan Restructuring Facility : कोरोना काल में किश्त चुकाने में आ रही है दिक्कत तो आरबीआई की इस नई सुविधा का उठा सकते हैं लाभ
  • रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा बैंक की ओर से दी जाती है, यह केस टू केस निर्भर करता है

By: Soma Roy

Published: 31 Aug 2020, 03:57 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना काल में कई लोगों को अपनी जॉब से हाथ धोना पड़ा। जिसके चलते उन्हें लोन की किश्त चुकाने में दिक्कतें आने लगी। ऐसे में सरकार ने कर्जधारकों को राहत देने के लिए लोन मोरेटोरियम (Moratorium) का विकल्प रखा था। जिसकी समय सीमा आज यानी 31 अगस्त को खत्म हो रही है। ऐसे में अगले महीने से आपको समय पर किश्त चुकानी होगी। अगर अभी भी आपकी इनकम बढ़ी नहीं है या आर्थिक दिक्कत है। तो आप लोन रीस्ट्रक्चरिंग सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इससे आपकी मंथली ईमआई कम हो जाएगी। जिससे आपकी पॉकेज पर पड़ने वाला बोझ कम होगा। तो क्या है लोन रीस्ट्रक्चरिंग (Loan Restructuring Facility) आइए जानते हैं।

लोन रीस्ट्रक्चरिंग
इस सुविधा का लाभ वे सभी कर्जदार ले सकते हैं जिन्हें कोरोनावायरस की वजह से परेशानी हो रही है। इसमें होम लोन, व्हीकल लोन या पर्सनल लोन लेने वाले व्यक्तिगत कर्जदाता समेत कंपनियां भी शामिल हैं।
अगर आपने लोन मोरेटोरियम खत्म होने के बाद भी किश्त अदा नहीं कर पा रहे हैं तो आप अपने बैंक से इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। हालांकि ये बैंक तय करेगा कि वह ये फैसिलिटी किसे देना चाहता है। इसके लिए वह आपका लोन प्रोफाइल चेक करेंगे। रिस्ट्रक्चरिंग में आपको लोन की समय सीमा आगे बढ़ाने का विकल्प मिलता है। जैसे— आपने अगर कोई लोन पहले से ले रखा है, जिसकी ईएमआई 10 हजार महीना है। आपने 4 महीने इसकी किश्त नहीं भरी है तो बैंक आपके इस 4 महीने को उस 5 साल में बढ़ा देगा। इससे आपको लोन चुकाने के लिए ज्यादा वक्त मिल जाएगा।

एमआई मोरेटोरियम और लोन रीस्ट्रक्चरिंग में अंतर
लोन मोरेटोरियम में किश्त न चुकाने की छूट दी गई थी। हालांकि इस दौरान जो भी ब्याज बनता, वह बैंक आपके मूल धन में जोड़ देता है। ऐसे में जब ईएमआई दोबारा देना शुरू करेंगे तो आपको पूरा बकाया चुकाना होगा। जबकि लोन रीस्ट्रक्चरिंग में आपको हर महीने का ब्याज नहीं चुकाना होगा। इसमें केवल लोन की अवधि बढ़ जाएगी। इसलिए आपको ज्यादा समय तक किश्त चुकानी होगी। मगर ऐसा करने से आपकी मंथली ईमाआई कम भी करा सकते हैं।

किन्हें मिल सकता है फायदा
लोन रीस्ट्रक्चरिंग का फायदा सभी पर्सनल और कॉरपोरेट लोन्स (Corporate Loans) के लिए है, जो मौजूदा संकट से गुजर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सिर्फ उन्हीं कर्जदारों के लोन को रीस्ट्रक्चरिंग करने की अनुमति दी है जिनका 1 मार्च, 2020 की स्थिति में 30 दिन से ज्यादा का डिफॉल्ट नहीं था। पुराने डिफॉल्टर इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकते हैं।

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