
RBI ने रद्द किया 28 गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों का पंजीकरण, ILFS संकट के बाद लिया फैसला
नर्इ दिल्ली। केंद्र सरकार आैर आरबीआर्इ में चल रही खींचतान के बीच केंद्रीय बैंक बड़ा कदम उठा लिया है। आरबीआर्इ ने 31 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पंजीकरण रद्द कर दिया है। वहीं केंद्रीय बैंक की आेर से इनका पंजीकरण रद करने के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं दूसरी आेर से आरबीआर्इ की आेर से 17 अन्य एनबीएफसी के पंजीकरण को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऐसा करने का आग्रह किया था। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर यह कंपनियां किन राज्यों की थी।
इन राज्यों की है इतनी कंपनियां
एनबीएफसी क्षेत्र के मुश्किलों से घिरे होने के बीच आरबीआई ने यह फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने बयान जारी कर कहा है कि 31 में से 27 कंपनियां पश्चिम बंगाल से हैं। आरबीआई ने बताया कि बंगाल के बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है। उसने स्पष्ट किया है कि ये कंपनियां अभी के बाद कारोबार नहीं कर सकेंगी। आरबीआई ने कहा कि लाइसेंस को निरस्त करने के सबसे अधिक आवेदन भी पश्चिम बंगाल से ही मिले थे।
12 हजार से अधिक कंपनियां है पंजीकृत
आरबीआई के अनुसार जिन कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनमें हैदाराबाद की रामकी फाइनैंस एंड इन्वेस्टमेंट भी शामिल है। सूची में यहीं की प्रॉपीकॉन ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि आरबीआई रेग्युलेशन के तहत देश में 12 हजार से अधिक एनबीएफसी पंजीकृत हैं। आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों के डिफॉल्ट करने के बाद एनबीएफसी क्षेत्र नकदी की किल्लत का सामना कर रहा है।
Published on:
10 Nov 2018 12:36 pm
