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SBI बंद करने जा रहा है अपनी 9 विदेशी ब्रांच, 6 पहले से ही चुकी हैं बंद

बैंक के प्रबंध निदेशक प्रवीण के गुप्‍ता के अनुसार मौजूदा समय में बैंकों के पास कैपिटल की काफी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए उनका बेहतर इस्तेमाल करने की योजना पर काम हो रहा है।
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एसबीआर्इ बंद करने जा रहा है अपनी 9 विदेशी ब्रांच, 6 पहले ही चुकी हैं बंद

नई दिल्‍ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआर्इ ने बड़ा फैसला लेते हुए 9 विदेशी ब्रांचों को बंद करने का फैसला लिया है। अगर 9 ब्रांच बंद होती हैं तो एसबीआर्इ की विदेशों में बंद होने वाली ब्रांचों की संख्या 15 हो जाएंगी। इससे पहले 6 विदेशी ब्रांच बंद हो चुकी हैं। बैंक अधिकारियों के अनुसार बैंक विदेशी कारोबार के पुनर्गठन की योजना पर काम कर रहा है। मौजूदा समय में बैंक 36 देशों में व्यापार कर रहा है। जिनकी कुल 190 ब्रांच हैं।

कैपिटल का बेहतर इस्तेमाल करने योजना
बैंक के प्रबंध निदेशक प्रवीण के गुप्‍ता के अनुसार मौजूदा समय में बैंकों के पास कैपिटल की काफी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए उनका बेहतर इस्तेमाल करने की योजना पर काम हो रहा है। इसी वजह से बैंक पिछले दो साल में अपनी 6 विदेशी शाखाएं बंद कर चुका है। इसके अलावा 9 और विदेशी शाखाओं को बंद करने की योजना पर काम कर रहा है।

डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंस का है आदेश
प्रबंध निदेशक के अनुसार विदेशों में सभी जगहों पर प्राॅपर ऑफिस नहीं है। बंगलादेश और दक्षिण अफ्रीका में काफी छोटे ब्रांच हैं। ऐसी ही शाखाएं कई जगहों पर हैं, जिनका पुनर्गठन करने की जरूरत है। उन्‍होंने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंस का एक आदेश भी है कि विदेशों में जो शाखाएं व्‍यवहारिक न हों उनको बंद किया जाए। उनके अनुसार एसबीआई ने सरकार के इस आदेश के पहले ही इस योजना पर काम शुरू कर दिया था।

एनपीए का भी जबरदस्त दबाव
वहीं दूसरी आेर सिर्फ एसबीआर्इ ही नहीं देश के सभी प्राइवेट आैर गवर्नमेंट सेक्टर के सभी बैंकों पर एनपीए का जबरदस्त दबाव है। अब आरबीआर्इ की रिपोर्ट ने ये दबाव आैर भी ज्यादा बढ़ा दिया हैै। रिपोर्ट के अनुसार अगले वर्ष भारत के सभी बैंकों पर एनपीए 12.2 फीसदी हो जाएगा। ये रिपोर्ट सरकार के लिए भी खतरे की घंटी है। क्योंकि मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से ही देश का बैंकिंग सेक्टर खतरे में हैं। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार आैर बैंकिंग सेक्टर इस खतरे से किस तरह से उबरता है।

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