Lock Down Live: कोई फेंट रहा ताश के पत्ते तो कोई खेल रहा शतरंज़

- देखिए गांव का हाल, अधिकतर लोग नहीं बता सके लाॅक डाउन का मतलब, हाईवे किनारे नगर से सटे गांव मोहम्मदाबाद में नहीं हैं लोग जागरूक

By: arun rawat

Updated: 27 Mar 2020, 03:27 PM IST

फ़िरोज़ाबाद। कोरोना वायरस को लेकर भले ही पूरे देश को 14 अप्रैल तक लाॅक डाउन कर दिया हो लेकिन अभी भी लोग इसका मतलब नहीं समझ पा रहे हैं। समूह में चर्चा करने में लगे हैं। हमने गांव का लाइव हाल देखा। लोग जगह-जगह समूह में बैठे नजर आए। कुछ लोग लॉक डाउन के बारे में नहीं बता सके। समय पास करने के लिए कोई ताश की गड्डी फेंटता नजर आया तो कोई शतरंज खेलते हुए।

गांव के मुहाने पर एक सब्जी की ठेल लगी थी। उसके आस-पास कुछ लोग आपस में गपशप कर रहे थे। उनसे पूछा कि आप लोग बाहर क्यों बैठे हैं तो जवाब मिला कि घर में ही क्या करें। यहां बैठकर समय पास हो जाता है। थोड़ा और अंदर जाने पर गांव के ही अशरफ मियां ने बताया कि अल्ला की इबादत करके आए हैं।

एक चबूतरे पर कुछ लोग बैठकर ताश की गड्डी फेंट रहे थे। जब उनसे कहा कि कोरोना का आपको भय नहीं है वह बोले वह गांव में थोड़े ही न आता है। वह तो विदेश में रहने वाले लोगों को होता है और हमारे गांव में कोई भी विदेश से नहीं आया। उन्हें कोरोना के बारे में विस्तार से बताया। गांव के बीचों बीच एक बालिका चबूतरा साफ कर रही थी। उसके चारों ओर उसके परिवार के लोग बैठे थे। सब्जी की दुकान पर करीब 15 लोग कोरोना को लेकर बातें करते नजर आए। कई स्थानों पर दो से तीन लोग आपस में चर्चा करते दिखे। अधिकतर लोगों को कोरोना के बारे में जानकारी नहीं थी। कुछ ही लोग बता सके कि कोरोना एक वायरस है तो छूने से फैलता है।

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