
गरियाबंद/गोहरापदर(मैनपुर). प्रदेश सरकार एक तरफ जहां सब पढं़े व सब बढं़े का नारा देकर शिक्षा को बढ़ावा दे रही है व पहली से 10वीं तक के छात्र छात्राओं को मुफ्त किताब देकर बच्चों को पढऩे के लिए प्रेरित कर रही है वहीं इन दावों की पोल मैनपुर ब्लॉक के प्राथमिक शाला छैलडोंगरी में खुलती नजर आ रही है।
और लिखी... बिना पुस्तक के कईसे करव पढ़ाई
यहां कक्षा तीसरी की छात्रा उमा भारती सिन्हा ने इस मामले में सीधे सूबे के मुख्यमन्त्री डॉ. रमन सिंह को अपने हाथ से पत्र लिखा है। इसमें उसने लिखा है कि जबसे स्कूल खुला है, आज तक पाठ्य पुस्तक नहीं मिली है।
इस कारण उसकी और अन्य छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रा ने बताया की पुस्तक नहीं मिलने से पढ़ाई नहीं कर पाए हैं। इस पूरे मामले को लेकर जब प्रधान पाठक गणेश दुर्गा से बात की गई तो उन्होंने कहा की पाठ्य पुस्तक उन्हें संकुल से मिनी ही नहीं तो हम कहां से बच्चों को देंगे। हमने इस पूरे मामले की लिखित जानकारी संकुल केंद्र को दे दी है।
इधर कांग्रेस में फैला आक्रोश
तीसरी क्लास की छात्रा की द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र खिलने की खबर जैसे पता चला वैसे ही कांग्रेसियों में आक्रोश फैल गया। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि प्रदेश के मंत्री और सीएम बच्चों के साथ झूइे वादे कर अपनी जेब भर रहे हैं। कांग्रेस अब इसे मुद्दा बनाकर सड़क पर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। इधर पालकों में भी बच्चों को कापी किताब नहीं मिलसे उनकी पढ़ाई में आ रही तकलीफों को लेकर चिंतत है। कुछ ने कहा कि अब वे सीधे मुख्यमंत्री जनदर्शन जाने की सोच रहे हैं।
Published on:
13 Oct 2017 05:22 pm
बड़ी खबरें
View Allगरियाबंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
