
गाजियाबाद. देश में सांप्रदायिक घृणा और गुस्सा फैलाने के लिए 2014 के एक वीडियो को ताजा मामला बताकर तेजी से वायरल किया जा रहा है। इसके साथ ही पोस्ट करने वाले ने भारतीय मीडिया को भी खूब खरी-खोटी सुनाई है। इसके बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल होने लगी। हालांकि, एक वेबसाइट ने अपनी तरफ से जब इसकी पड़ताल की तो मामला कुछ और ही निकला।
दरअसल, इस वीडियो की सच्चाई ये है कि ये अगस्त 2014 का मामला है। इस वीडियो में जो हिन्दू लड़की की ओर से एक मुस्लिम युवक पर जबरन रेप करने और धर्म परिवर्तन की बात कही गई है। मेरठ के इस प्रेमी युगल के प्रेम-प्रसंग की जानकारी लड़की के माता-पिता के साथ ही जब हिन्दूवादी संगठनों को लगी तो युवती डरा-धमकाकर उसे ये अपने साथ जबरन रेप और धर्म परिवर्तन की बात कहलवाई गई थी। लेकिन बाद में युवती अपने बयान से पलटने के साथ ही सारी सच्चाई मीडिया के सामने बताई थी कि किस तरह उनसे दबाव में झूठे आरोप लगाए थे। इसके साथ ही लड़की ने आरोपी युवक के खिलाफ सारे मामले वापस ले लिए और 2014 में कथित आरोपी के संग शादी भी कर ली थी। इस दौरान युवती ने साफ कर दिया था कि उसने शादी और धर्म परिवर्तन अपनी इच्छा से की है। उस पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। इसका खबर का किसी मदसरे से कोई लेना-देना नहीं है, जबकि इसे एक मदरसे का बताया गया है। एक वेबसाइट ने इस प्रकरण में फैलाए जा रहे झूठ का खिलासा किया है।
कठुआ कैंग रेप में एक पुजारी के फंसने के बाद बनाई गई फर्जी खबर
इस वेबसाइ ने आगे लिखा है कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 वर्षीय मासूम बच्ची की गैंग रेप के खुलासे के बाद भाजपा नेताओं के आरोपियों के समर्थन में और उत्तर प्रदेश में भाजपा के एमएलए पर रेप के दोषियों के बचाने के आरोप के बाद लोगों का भाजपा के खिलाफ जो गुस्सा फूटा , उसे काउंटर करने के लिए इस वीडियो को एक सोची-समझी साजिश के तहत पूरे देश में फालाया गया।
यह कहा गया था वीडियो में
इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया है कि मेरठ के मदरसे में इस हिन्दू बेटी से कई महीनों तक हुआ बलात्कार, पर हमारा सारा मीडिया मौन है, ऐसा क्यों ? कोई पत्रकार इस पर नहीं बोलता। इस पर कोई बहस नहीं, क्योंकि मामला मदरसे और मौलवी का है। अगर किसी मंदिर और साधू संत का होता, तब सारा मीडिया अगले 6 महीने तक समाचार चलाता और बताता की सारे साधू संत रेपिस्ट होते हैं, मंदिरों को बंद करो। इसे वीडियो को कई फैसबुक पेज पर शेयर किया गया है। वी सपोर्ट आऱएसएस पेज पर भी इसे 14 अप्रैल 2018 को पोस्ट किया गया है। इस पेज के 6 लाख फॉलोवर हैं। यहां से इस वीडियो को 23,000 बार शेयर किया गया है। वहीं, आजाद भारत नाम के फेसबुक पेज पर भी इसे पोस्ट किया गया है। इस पेज पर सात लाख 50 हजार फॉलोवर है और यहां इस पोस्ट को 10,000 बार शेयर किया गया है। इसके अलावा मिशन राम मंदिर में अपने 100 दोस्तों को जोड़े के नाम से बनाए गए ग्रुप में भी इसे शेयर किया गया है।
Published on:
05 May 2018 08:30 pm
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