विदेश में रोजगार के नाम पर इस तरह हुआ धोखा, बड़ी मुश्किल से वापस लौटे दर्जनों मजदूर

Jharkhand News: इंटक के राष्ट्रीय सचिव राजकिशोर सिंह ने बताया (Employment News) कि...

By: Prateek

Published: 13 Mar 2020, 10:07 PM IST

रांची,गिरिडीह: काम की तलाश में ओमान जाने के बाद बंदी बनाए गए झारखंड के 30 मजदूरों की शुक्रवार को घर वापसी हुई। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही अपने देश पहुंचने की खुशी में इन सभी की आंखों से आंसू छलक उठे। यहां से सभी लोग झारखंड के अलग-अलग इलाकों में स्थित अपने घरों के लिए रवाना हो गए।


इंटक के राष्ट्रीय सचिव राजकिशोर सिंह ने बताया कि झारखंड के गिरिडीह जिले सहित अन्य जगहों से 30 मजदूर ठेकेदारों के माध्यम से काम करने टावरलाईन ओमान गए थे। वहां कंपनी द्वारा सभी मजदूरों का पासपोर्ट जब्त कर आठ महीनों तक बंदियों की तरह काम कराया गया। इन्हें वेतन भी नहीं दिया गया जिससे इनकी मुसिबत बढ़ गई। यहां उनके परिजन काफी दुखी थे और अपनों की वतन वापसी के लिए भटक रहे थे। स्थानीय विधायक विनोद सिंह और राजकिशोर सिंह के संयुक्त प्रयासों और भारत सरकार की मदद से इनकी घर वापसी का रास्ता साफ हुआ। मजदूरों ने अपने घरों से किसी तरह 70 से 80 हजार रुपए मंगाकर सकुशल वतन लौटे।

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