15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना इलाज में डॉक्टर इन चार दवाईयों का कर रहे इस्तेमाल, बाजार में बढ़ रही मांग, जानें कीमत

कुछ दवाईयां ऐसी हैं, जिनका इस्तेमाल कोरोना (Coronavirus in UP) के खात्मे में वर्तमान में किया जा रहा है।

2 min read
Google source verification
Corona news

Corona news

गोरखपुर. रशिया के राष्ट्रपति पुतिन (Russia President Putin) ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) बनाने का दावा किया है, जिसके बाद से दुनिया में इसको लेकर चर्चा जोरो पर है। वैक्सीन की खोज पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि यह कितनी कारगर साबित होगी व क्या भारत में यह आ पाएगी, इसको लेकर चर्चा जारी है, लकिन हमारे देश में कुछ दवाईयां हैं, जिनका इस्तेमाल कोरोना के खात्मे के लिए वर्तमान में किया जा रहा है। यह दवाएं फेबिफ्लू (FabiFlu), फेविलो (Favilo), आईवर मेक्टिन (ivermectin tablet) सहित रेमडेसिवीर (remdesivir) इंजेक्शन हैं, जिनकी मार्केट में काफी डिमांड है। यह दवाईयां अलग-अलग कंपनियों में कोरोना से निपटने के लिए लॉन्च की गई हैं। डॉक्टरों की सलाह पर शुरुआती लक्षणों वालों की तीन दवाईयां व कुछ गंभीर लक्षण वालों के इंजेक्शन दिया जा रहा है। चिकित्सक इन दवाओं को इलाज में कुछ कारगर बता रहे हैं। वहीं पतांजलि की कोरोनिल की डिमांड भी बाजार में खूब बढ़ी हुई है, लेकिन स्टॉक डिमांड को मीट नहीं कर पा रहा है। फेविलो के अतिरिक्त तीन अन्य दवाएं बाजार से गायब हैं।

ये भी पढ़ें- यूपी में आए 4,583 नए मामले, सीएम योगी ने हर जनपद में लेवल-2 व लेवल-3 के कोविड अस्पताल बनाने के दिए निर्देश

65 रुपये की है फेबिफ्लू की एक गोली-

फेबिफ्लू की एक गोली की कीमत 65 रुपए है, जो गोरखपुर के भालोटिया मार्केट से गायब है। वहीं कुछ दिन पहले लांच हुई फेविलो दवा बाजार में उपलब्ध है। इसके एक गोली की कीमत 36 रुपये हैं। वहीं आईवर मेक्टिन दवा भी बाजार से नदारद है। यह दवा बेहद सस्ती हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ गगन गुप्ता का कहना है कि यह दवाएं अलक्षणिक मरीजों के लिए कुछ हद तक कारगार साबित हुई हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में केवल आईवर मेक्टिन दवा का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। अन्य दो दवाओं का इस्तेमाल अब तक नहीं किया गया है। रेमडिसिवीर इंजेक्शन गंभीर मरीजों का दिया जा रहा है। इसके परिणाम कुछ सकारात्मक हैं। बाजार में इसकी कीमत 3600 से 4000 के बीच है, लेकिन दवा विक्रेता समिति इसे 3600 में उपलब्ध करा रहा है। हालांकि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में यह निशुल्क लगाया जा रहा है। इसके अलावा बाजार से गायब हुई आईवर मेक्टिन भी काफी संख्या में मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है। प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि दोनों दवाएं बीआरडी में उपलब्ध हैं।

ये भी पढ़ें- भाजपा विधायक का आरोप, थाने में पुलिस ने मुझे पीटा, फाड़े कपड़े

पतंजलि की दवाई की बढ़ी डिमांड-

पतंजलि की कोरोनिल को इम्युनिटि बूस्टर के नाम पर बेचा जा रहा है। बाजार में इसकी बड़ी डिमांड है। हालांकि फिलहाल यह बाजार से गायब है। इसकी शीशी में 80 गोली होती हैं व कीमत 400 रुपए हैं।