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भगवा रंग की "अमृत भारत ट्रेन" .. श्रीराम की अयोध्या और मां सीता की मिथिला को जोड़ेगी

locationगोरखपुरPublished: Dec 26, 2023 09:39:18 pm

Submitted by:

anoop shukla

30 दिसंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद गोरखपुर पहुंचने पर इस ट्रेन का भव्य स्वागत होगा। रेलवे प्रशासन ने स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है। नए साल में पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेलवे के अन्य प्रमुख रूटों पर भी अमृत भारत ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इंटीग्रल कोच फैक्टी (आइसीएफ) चेन्नई में निर्माण शुरू है।

भगवा रंग की
भगवा रंग की
गोरखपुर। वंदे भारत के बाद अब मोदी सरकार रेल यात्रियों को विशेष उपहार देने जा रही है। अब दो इंजन लगी पुश-पुल तकनीक वाली अमृत भारत ट्रेनें चलेंगी। भारतीय रेलवे स्तर पर दरभंगा से दिल्ली के बीच चलने वाली भगवा रंग की पहली अमृत भारत ट्रेन गोरखपुर और अयोध्या के रास्ते चलाई जाएगी।यह ट्रेन गोरक्षनगरी होते हुए श्रीराम की अध्योया और माता सीता की मिथिला नगरी को जोड़ेगी।
30 दिसंबर को गोरखपुर पहुंचने पर होगा भव्य स्वागत

30 दिसंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद गोरखपुर पहुंचने पर इस ट्रेन का भव्य स्वागत होगा। रेलवे प्रशासन ने स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है। नए साल में पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेलवे के अन्य प्रमुख रूटों पर भी अमृत भारत ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इंटीग्रल कोच फैक्टी (आइसीएफ) चेन्नई में निर्माण शुरू है।
सुरक्षित यात्रा और झटके भी कम, जल्द पकड़ेगी रफ्तार

वंदे भारत की तरह पुश-पुल ट्रेनों में भी दोनों तरफ पावरफुल इंजन लगेंगे। आगे वाला इंजन ट्रेन को खींचेगा, पीछे वाला धक्का देगा। दोनों इंजनों के संचालित होने से ट्रेन की गति बढ़ जाएगी। ट्रेन स्टेशनों पर जिस गति से रुकेंगी, उसी गति से रफ्तार (पिकअप) भी पकड़ लेगी। स्टेशन से छूटने के साथ आगे के स्टेशनों पर ठहराव और प्रस्थान में लगने वाले समय की बचत होगी।
अति आधुनिक लिंक हाफमैन बुश कोच

ट्रेन की गति 130 किमी प्रति घंटा होगी। अमृत भारत ट्रेन में भले ही वंदे भारत की तरह दो इंजन लगे होंगे, लेकिन इसकी विशेषता अलग होगी, जो यात्रियों को अतिरिक्त खास सुविधा प्रदान करेगी। वातानुकूलित (एसी) वंदे भारत के कोच और इंजन एक सेट में होते हैं। जबकि, पुश-पुल ट्रेन की रेक में सुविधा संपन्न अति आधुनिक लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगेंगे। नए डिजाइन के कोचों से यात्रा सुरक्षित तो होगी ही यात्रियों को झटके भी नहीं लगेंगे।
सिर्फ स्लीपर और जनरल कोच

शुरुआत में ट्रेन में सिर्फ स्लीपर (शयनयान) और जनरल (साधारण) कोच लगेंगे। एक ट्रेन की रेक में स्लीपर के 12, जनरल के 8, एक-एक पार्सल यान और ब्रेक यान (गार्ड यान) सहित कुल 22 कोच लगाए जाएंगे। आने वाले दिनों में एसी कोच भी लगाए जाएंगे। फिलहाल, स्लीपर और जनरल के मध्यमवर्गीय यात्रियों को राहत मिलेगी।
दोनो इंजनों से होगी बिजली आपूर्ति

दरअसल, लंबी दूरी की सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर और जनरल के कोच कम होते जा रहे हैं। स्लीपर का न कन्फर्म टिकट मिल रहा और न जनरल कोचों में बैठने की जगह। अमृत भारत ट्रेन में पावरकार नहीं लगेगी। दोनों इंजनों से ही कोचों में बिजली की आपूर्ति होगी। इससे पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा। स्टेशन यार्ड और रास्ते में इंजन के रिवर्सल दिशा बदलने से मुक्ति मिलेगी।
लखनऊ से छपरा मार्ग पर 130 किमी से दौड़ेगी

गोरखपुर के रास्ते लखनऊ से छपरा तक 425 किमी रेलमार्ग पर वंदे भारत सहित अन्य ट्रेनें 110 किमी प्रति घंटे की गति से चल रही हैं। रेल लाइनों के किनारे स्टील की सेफ्टी फेंसिंग लगाई जा रही है। फेंसिंग का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति 130 किमी प्रति घंटे हो जाएगी। इस रेलमार्ग को 160 किमी प्रति घंटे के लायक तैयार किया जा रहा है।
CPRO पूर्वोत्तर रेलवे

CPRO पूर्वोत्तर रेलवे अमित सिंह ने बताया की यात्रियों की संरक्षा, सुरक्षा एवं सुविधा को बेहतर करने की दिशा में रेलवे नित नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इसीक्रम में पुश-पुल ट्रेन की नई सुविधा शुरू करने की तैयारी है, इसमें दोनों तरफ इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव लगे रहेंगे। इससे ट्रेनों का ऐक्सीलरेशन एवं डिसीलरेशन फास्ट होगा। फलस्वरूप ट्रेन की औसत गति काफी बेहतर होगी। इंजन रिवर्सल से भी मुक्ति मिलेगी।

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