
ईरान ने अमरीका की मदद को ठुकराया।
तेहरान। कोरोना वायरस का कहर झेल रहे ईरान ने अमरीका की मदद लेने से साफ मना कर दिया है। साथ ही ईरान के सुप्रीम लीडर अली खुमैनी ने आशंका जाहिर की है कि अमरीका ईरान में ऐसा ड्रग ला सकता है, जिससे वायरस जिंदा रहे और उसे मिटाना संभव न हो सके। अमरीका ने फरवरी में ईरान की मदद की पेशकश की थी, मगर ईरान ने उसे ठुकरा दिया। खुमैनी ने रविवार को 129 नए मौतों का आंकड़ा जारी कर तीखा हमला किया है।
21,638 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक यहां 1,685 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल 21,638 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। खुमैनी ने साफ कहा है कि अमरीका उनका सबसे बड़ा दुश्मन है। अमरीका के नेता झूठे हैं। खुमैनी ने उन्हें लालची और आतंकी तक कह डाला। उन्होंने कहा कि हमारे न मांगने पर भी हमें दवाओं और इलाज में मदद करने का प्रस्ताव हैरानी भरा है। उन्होंने कहा कि अमरीका में खुद इसकी दवा की कमी है।
लोगों से ट्रैवल न करने की अपील
खुमैनी ने देश के लोगों से कहा कि हर किसी को निर्देशों का पालन करना चाहिए। इस महामारी से लड़ने का एकमात्र उपाय है कि एहतियात बरती जाए। इससे ईरान के लोगों, मुस्लिम देशों और दुनिया के लोगों पर आई आपदा को ऊपरवाला खत्म कर देगा। वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोगों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। ईरान में कोरोना वायरस के कारण अधिकतर मौते 60 से अधिक उम्र वालों की हुई है।
Updated on:
23 Mar 2020 09:20 am
Published on:
23 Mar 2020 09:15 am
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