29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कलेक्टर-एसपी ने मिलकर किया नवाचार

-पुलिस के कैमरे जुड़े प्रशासन के माइक से, शहर पर रहेगी ऑन लाइन चौबीस घंटे नजर
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गुना

•

image

Praveen Mishra

•

Updated: 11 Apr 2021, 1:26 AM IST

कलेक्टर-एसपी ने मिलकर किया नवाचार

कलेक्टर-एसपी ने मिलकर किया नवाचार

गुना। यदि आप शहर में किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधियां कर रहे हैं तो हो जाएं सावधान। आपकी संदिग्ध गतिविधियां पर अब पुलिस की सीधी नजर ऑन लाइन यानि कैमरों के जरिए रहेगी, तत्काल लाउड स्पीकर के जरिए संदेश प्रसारित होते ही आपको मौके पर ही पुलिस पकड़ सकती है। शहर पर ऑन लाइन नजर रखने के लिए ऐसी व्यवस्था पुलिस ने लॉक डाउन के पहले दिन लागू कर दी है। इस तरह की व्यवस्था का नवाचार कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से कर दिखाया है, जिसको बाद में पूरे जिले भर में लागू किया है।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि गुना शहर में सवा सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, अभी तक कोई भी असामाजिक तत्व या गतिविधियां होती थीं, वह कैमरे में दिखने पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को बताने में देरी होती थी। कलेक्टर साहब से कोरोना को लेकर लॉक डाउन जैसी व्यवस्थाओं पर चर्चा के दौरान यह विषय सामने आया, जिस पर हम दोनों के बीच चर्चा हुई और शहर में कोरोना की जानकारी देने, या नियमों का पाठ पढ़ाने आदि को लेकर लगाए जाने वाले लाउड स्पीकरों का संचालन भी सीसीटीवी कन्ट्रोल रूम से रहेगा। इससे यह फायदा होगा कि पुलिस के सीसीटीवी कन्ट्रोल रूम में बैठा कर्मचारी शहर की गतिविधियों को देखने के साथ-साथ अब वह लाउड स्पीकर के माध्यम से गड़बड़ी करने वाले या नियम तोडऩे वाले को रोक-टोक सकता है। मौके पर मौजूद लोगों को सचेत कर सकता है। इस व्यवस्था से शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पुलिस को काफी सहयोग मिलेगा। एसपी ने कहा कि इस व्यवस्था को हमने शहर में आठ जगह फिलहाल चालू कर दिया है, धीरे-धीरे जिलें में और बढ़ाने का प्रयास करेंगे।उन्होंने बताया कि लॉक डाउन को देखते हुए पुलिस व्यवस्था चुस्त की गई है, नाकेबंदी कराई गई है, पेट्रोलिंग मोबाइल गश्त कर रही हैं।

ऐसे किया टेस्ट
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने सीसीटीवी कन्ट्रोल रूम पर वायरलेस सेट से ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ से जय स्तम्भ चौराहे के बारे में जानकारी लेकर टेस्ट लेना चाहा, वहां से माइक के जरिए बताया गया कि जय स्तम्भ चौराहे पर सभी पुलिस अधिकारी खड़े हुए हैं, मीडिया भी साथ में खड़ी है, यहां से कुछ देर में फ्लेग मार्च शुरू होने वाला है।
पुलिस का सामने आया मानवीय चेहरा
लॉक डाउन के पहले दिन जहां पुलिस बगैर कारण के निकलने वालों को लेकर सख्त रवैया अपनाए थी, वहीं पुलिस का मानवीय चेहरा भी उस समय देखने को मिला जब पुलिस को मजदूरी न मिलने पर मजदूरों की चिंता हुई और गरीबों की सुध आई कि दुकानें बंद हैं उनको कौन खाना खिलाएगा। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर आरआई उपेन्द्र सिंह यादव ने एक वाहन में खाने के पैकेट तैयार कराकर भेजे, जिनको पुलिस का एक वाहन जय स्तम्भ चौराहे पर बांटता रहा, जिसको खाकर वे मजदूर और गरीब पुलिस को दुआ देते दिखाई दिए।
पुलिस ने निकाला फ्लेग मार्च
कोरोना के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए मास्क लगाने और लोगों को जागरूक करने हेतु पुलिस ने जय स्तम्भ चौराहे से अलग-अलग मार्गों के लिए फ्लेग मार्च निकाला। शनिवार को दोपहर एक बजे करीब जिले के अधिकतर थानों से बुलाए गए प्रभारियों को अपने-अपने वाहन के साथ तैयार रहने को कहा। कुछ ही देर में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, एसपी राजीव कुमार मिश्रा आए। इन्होंने यहां से फ्लेग मार्च रवाना किया। पुलिस वाहन की एक टोली जय स्तम्भ चौराहे से महावीर पुरा, टोल नाके की ओर बढ़ी तो दूसरी टोली जय स्तम्भ चौराहे से हनुमान चौराहे की ओर रवाना हुई। इस फ्लेग मार्च में मुख्य रूप से एडीशनल एसपी टीएस बघेल, एसडीएम अंकिता जैन, नगर पालिका के सीएमओ तेज सिंह यादव, एसडीओपी प्रियंका करचाम, प्रभारी सीएसपी आकाश अमलकर, डीएसपी हैड क्र्वाटर पीपी मुदगल, डीएसपी ट्रेफिक मुकेश दीक्षित, टीआई अवनीत शर्मा, एमएम मालवीय, उमेश मिश्रा, गोपाल चौबे,मोनिका जैन,हर्ष यादव, अविनाश उमरैया आदि शामिल थे।