पहली फायर बॉल फुस्स, दूसरी से बुझी आग

महाप्रबंधक के आने से पहले सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान दुर्घटना राहत वाहन की टीम ने आग बुझाने की नई तकनीक 'फायर बॉल का डेमो दिखाया। जलती आग में आग बुझाने गेस का गोला फेंका, लेकिन पहले गोले से आग नहीं बुझी।

By: brajesh tiwari

Published: 07 Jan 2019, 08:52 PM IST

गुना. भोपाल डीआरएम शोभन चौधरी ने सोमवार को गुना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक के आने से पहले सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान दुर्घटना राहत वाहन की टीम ने आग बुझाने की नई तकनीक 'फायर बॉल का डेमो दिखाया। जलती आग में आग बुझाने गेस का गोला फेंका, लेकिन पहले गोले से आग नहीं बुझी। डीआरएम में डेमो देखकर कहा, ये तकनीक भरोसेमंद नहीं है। उन्होंने करीब तीन घंटे तक स्टेशन से लेकर परिसर तक निरीक्षण किया। जहां स्टेशन की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने से लेकर कर्मचारियों की सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। सौंदर्यकरण के लिए हो रहे कामों का सराहा। उधर, निरीक्षण के बाद रेल संस्थान के कर्मचारियों ने टेबल टेनिस एवं बैडमिंटन के लिए बुडन फर्स लगाने की मांग की। एम्पलाइज यूनियन ने कम्रचारियों की समस्याओं को डीआरएम के समक्ष रखा। उनके साथ डीईएन ऋषि यादव, एईएन केके निगम उपस्थित रहे।


सड़क तक दीवार
उधर, रनिंग रूम और नए पार्क के पास नाले को कवर करने दीवार बना दी, जो रोड तक आ गई है। इससे आने वाले दिनों में वारदात और हादसे होने की आशंका है।


ट्रेन को रोककर बैठाए यात्री
निरीक्षण के समय प्लेट फार्म एक से गुना-बीना पैसेंजर जा रही थी और कई यात्री पीछे दौड़ते दिखाई दिए। डीआरएम ने पैसेंजर ट्रेन को रुकवाया। इसके बाद सभी यात्री बैठ गए तब ट्रेन रवाना हुई। ट्रेन को पकडऩे लोगों में भगदड़ मच गई।


ये पानी कैसे रिस रहा है, इसे सही करो
प्लेट फार्म तीन पर हाल ही में बनाए 80 मीटर लंबे टीनशेड रिसने लगा है। डीआरएम ने पूछा ये पानी कैसे रिस रहा है, तो अफसर कहने लगे, तराई की है। डीआरएम ने कहा, किसने काम किया है, उसे बोलो पानी रिसना बंद कराए।

मैंने स्वीकृति दी थी, तो किसने मना किया
टीटी के लिए रेस्ट हाउस मिल गया है, लेकिन चादरों की व्यवस्था नहीं हुई। डीआरएम ने रनिंग रूम से चादर देने के निर्देश दिए थे। लेकिन उनके आदेश का पालन नहीं हुआ। इस पर उन्होंने कहा, जब मैंने स्वीकृति दी थी तो किसने मना किया। इस पर कर्मचारियों ने कहा, हमने लेटर भेज दिया था। डीआरएम बोले, ये बहानेबाजी है। रेस्ट हाउस का मेंटेनेंस करने बाहर से व्यवस्था की जाए। डीआरएम ने रेस्टहाउस के लिए ब्रिज के नीचे के भी कक्ष दिए और पलंग और लॉक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर व्यस्थाएं देखीं।

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