scriptShivering winter increased the problems of BP and heart patients | कंपकंपाती सर्दी ने बीपी व हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ाई | Patrika News

कंपकंपाती सर्दी ने बीपी व हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ाई

-16 लाख की आबादी वाले जिले में एक भी नहीं है हृदय रोग विशेषज्ञ, कैसे होगा इलाज

गुना

Updated: January 17, 2022 02:00:10 pm

गुना। ओले गिरने के बाद इन दिनों पड़ रही तेज सर्दी ने हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि सर्दी का सबसे ज्यादा प्रभाव इसी बीमारी से पीडि़त व्यक्तियों पर पड़ता है। बढ़ती चिंता का एक कारण जिले में गंभीर मरीजों के लिए जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी है। 16 लाख आबादी वाले गुना जिले में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। यही नहीं 400 बिस्तरीय अस्पताल का दर्जा प्राप्त जिला अस्पताल में भी बीपी, शुगर हृदय रोगियों के समुचित उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। सामान्य मेडिकल वार्ड को बोर्ड लगाकर आईसीयू का नाम दे दिया गया है। लेकिन हकीकत में आईसीयू से जुड़ी कोई भी विशेष सुविधा यहां नहीं है। यहां तक कि बीपी व हृदय रोगियों की निगरानी करने डिजीटल मॉनीटर तक उपलब्ध नहीं है। जिस मरीज की स्थिति गंभीर नजर आती है, उसे डॉक्टर द्वारा शिवपुरी या ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया जाता है। कई बार इलाज में देरी की वजह से मरीज की जान भी जा चुकी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीपी, शुगर व हृदय रोगियों की परेशानी को एक समय शासन ने गंभीरता से लिया था। जिसके बाद जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अलग से एनसीडी क्लीनिक स्थापित कराई गई थी। जिसके नियमित रूप से संचालन करने अलग से डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई थी। यही नहीं एक स्टाफ नर्स को मरीजों का बीपी, शुगर जांचने ट्रेनिंग भी दी गई थी। यहां आने वाले मरीजों का पूरा रिकार्ड संधारित करना था। लेकिन यह व्यवस्था कुछ समय में ही दम तोड़ गई।
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बीपी व हृदय रोग से पीडि़त मरीजों की बढ़ रही है संख्या
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बीपी, शुुगर व हृदय रोग से पीडि़त मरीजों की संख्या करीब दो हजार है। जो इस समय अपना इलाज करवा रहे हैं। ओपीडी के आंकड़ों के अनुसार प्रति 100 मरीजों पर 3 व्यक्ति बीपी, शुगर व हृदय रोग से पीडि़त हैं। जिन्हें नियिमत चैकअप के साथ विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एनसीडी क्लीनिक की स्थापना की थी। लेकिन यह व्यवस्था मॉनीटरिंग के अभाव में औपचाकिता में सिमट गई है।
हृदय रोगियों को सर्दियों में अटैक का खतरा ज्यादा
जिला अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर के अनुसार सर्दी का मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए तो तकलीफदेह होता ही है, लेकिन हृदय रोगियों को भी इस मौसम में काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्योंकि सर्दियों में रक्तवाहनियां सिकुड़ जाती हैं, जिसका असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर भी पड़ता है। इसलिए इस मौसम में हृदय रोगियों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
यह रखें सावधानी
-ज्यादा ठंडे माहौल में जाने से बचें। यदि ठंड में बाहर निकलें तो अच्छी तरह से ऊनी वस्त्र पहनकर और सिर में भी टोपी आदि लगाकर निकलें ताकि शरीर में गर्माहट बनी रहें और रक्तवाहिनियों में सिकुडऩ न हो।
-अधिक वसा युक्त चीजें खाना और सिगरेट, शराब आदि का सेवन बिल्कुल न करें। इससे रक्तवाहिनियां संकरी हो सकती हैं और हृदय तक सही रक्तसंचार में समस्या आ सकती है। इसके अलावा दबाव भी बन सकता है।
-सुबह सात बजे के बाद ही घूमने जाएं। ज्यादा वृद्ध हैं तो न घूमने जाएं।
कंपकंपाती सर्दी ने बीपी व हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ाई
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