यूं बढ़ जाता है आपका बिजली बिल, आपको पता भी नहीं चलता फिर होना पड़ता है परेशान

Gaurav Sen

Publish: Oct, 13 2017 12:49:44 (IST)

Gwalior, Madhya Pradesh, India
यूं बढ़ जाता है आपका बिजली बिल, आपको पता भी नहीं चलता फिर होना पड़ता है परेशान

इतना ही नहीं, यदि मीटर रीडर ने गेप कर दिया तो फिर दो माह की रीडिंग पर आपको अधिक दर का बिल थमा दिया जाएगा।

ग्वालियर/ शिवपुरी। बिजली कंपनी ने बढ़ी हुई दरों को तो उपभोक्ताओं पर लागू कर दिया, लेकिन उसमें अंकगणित को ऐसे उलझा दिया कि उपभोक्ताओं की जेब किसी भी सूरत में नहीं बच पाएगी। इतना ही नहीं, यदि मीटर रीडर ने गेप कर दिया तो फिर दो माह की रीडिंग पर आपको अधिक दर का बिल थमा दिया जाएगा। यह कारीगरी बिजली कंपनी ने ही की है, जबकि शासकीय विभागों में ऐसा नहीं होता। जब इस संबंध में बिजली कंपनी के महाप्रबंधक से पूछा तो वे बोले कि टेरिफ स्लेब, हमने तय नहीं किया, यह तो ऊपर से ही तय होकर आता है।


घरेलू उपभोक्ताओं के बनाए 4 स्लेब
बिजली कंपनी ने घरेलू कनेक्शनों के चार स्लेब तय किए हैं। जिसमें 50 यूनिट तक बिजली खपत होने पर उपभोक्ता को 3 रुपए 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से 192 रुपए 50 पैसे का बिल दिया जाएगा। 51 से 100 यूनिट खपत पर 4 रुपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से 470 रुपए का बिल तथा 101 से 300 यूनिट खपत पर 6 रुपए प्रति यूनिट की दर तय की गई। जबकि 300 से अधिक पर 6 रुपए 30 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल दिया जाएगा।


शासकीय विभागों में यह है नियम
यदि किसी शासकीय विभाग में कोई वाहन किराए पर लगाया जाता है तो उसमें किराए की दर किलोमीटर के हिसाब से तय होती है। यदि वाहन उससे अधिक चलता है तो फिर प्रति किलोमीटर का अलग रेट तय होता है। उदाहरण स्वरूप 3 हजार किलोमीटर तक वाहन चलने पर 25 हजार रुपए मासिक किराया दिया जाएगा। यदि 3 हजार से अधिक वाहन चलेगा तो फिर उसमें अतिरिक्त किलोमीटर का अलग से 10 या 12 रुपए प्रति किलोमीटर किराया अलग से दिया जाएगा।


रीडिंग नहीं होने पर बढ़ेगा जेब पर बोझ
नियमानुसार हर महीने मीटर रीडर को घर पर आकर रीडिंग लेकर बिल देना है। लेकिन कई बार मीटर रीडर दो महीने बाद आता है। ऐसे में बिजली खपत की होने वाली रीडिंग स्वत: ही दोगुनी हो जाएगी। जब रीडिंग ली जाएगी तो उसमें उपभोक्ता का स्लेब खुद ब खुद बढ़ जाएगा। ऐसे में उपभोक्ता को पूरी रीडिंग का बढ़े हुए टैरिफ के रेट से बिल आएगा, जो पूरी तरह से गलत होगा। क्योंकि इसमें गलती उपभोक्ता की न होकर मीटर रीडर की होगी।


खपत (यूनिट) पुरानी दर नई दर
50 यूनिट 3.65 रुपए 3.85 रुपए
51 से 100 यू. 4.35 रुपए 4.70 रुपए
101 से 300 5.60 रुपए 6.00 रुपए
300 से अधिक 6.10 रुपए 6.30 रुपए

 

ऐसे समझें उपभोक्ता से अवैध वसूली

यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 75 यूनिट आती है। ऐसे में उसे 50 यूनिट तक 3.85 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना चाहिए, जबकि अतिरिक्त 25 यूनिट पर 4.70 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिल दिया जाना चाहिए। लेकिन 75 यूनिट पर बिजली कंपनी 4.70 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से ही बिल दे रही है। इसी तरह की स्थिति अन्य स्लेब में भी है, क्योंकि महज दो से चार यूनिट की खपत अधिक आते ही उपभोक्ता के बिल की राशि उस स्लेब से जोड़ी जाएगी, जो उस टारगेट पर तय किया गया है।


यह बोले महाप्रबंधक
बिजली उपभोक्ताओं के लिए चार टैरिफ स्लेब बनाए गए हैं और इसका निर्धारण हमने नहीं बल्कि ऊपर से ही होकर आया है। इसलिए इसमें हम कोई बदलाव नहीं कर सकते। यदि मीटर रीडर एक माह नहीं जाएगा तो उस उपभोक्ता की कुल रीडिंग को आधा मानकर उसके हिसाब से ही बिल दिया जाएगा। यदि किसी को पूरी रीडिंग का बिल दिया जाता है तो उसे हम सुधार देंगे।
आरके अग्रवाल, महाप्रबंधक बिजली वितरण कंपनी शिवपुरी

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