
ग्वालियर। पर्यटन विभाग का होटल टूरिस्ट विलेज इन दिनों पूरी तरह से चुनावी रंगत में डूबा हुआ है। यहां मौजूद कमरों में भाजपा के मंत्री व नेता तो रुके ही हैं,कांग्रेस नेताओं के अलावा चुनाव कराने आए अधिकारी भी यहीं विश्राम कर रहे हैं। इन सबके बीच वे टूरिस्ट भी यहां रुके हैं जो घूमने-फिरने यहां आए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि बदहाल सड़क होने की वजह से इस होटल को लगातार जो घाटा हो रहा था, वो काफी हद तक इस चुनावी बेला में पूरा हो जाएगा। क्योंकि वर्तमान में होटल का कोई भी कमरा खाली नहीं हैं।
गौरतलब है कि टूरिस्ट विलेज में कुल 21 कमरे हैं, जिनमें से 5-6 कमरों में भाजपा के नेता रुके हैं,तो दो कमरों में कांग्रेस के नेता। अक्सर जब इन नेताओं का आना-जाना होता है तो एक-दूसरे को देखकर सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण में मिलते हैं।
बुधवार की सुबह जब मुख्यमंत्री विभिन्न समाज के लोगों से चर्चा करके निकले ही थे और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर होटल के हॉल से पीछे गार्डन की तरफ निकले,तभी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव व उनके साथ अन्य कांग्रेसी नेताओं का निकलना हुआ। यादव कुछ जल्दी निकल गए, जबकि पीछे चल रहे कांग्रेसी नेताओं से नरेंद्र सिंह ने हाथ मिलाकर उन्हें पूरा सम्मान दिया।
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दोनों रास्ते बदहाल
टूरिस्ट विलेज पहुंचने का सीधा रास्ता दो बत्ती से छत्री होते हुए है, लेकिन उसकी खुदाई हो जाने से वहां से आवागमन पूरी तरह ठप है। ऐसे में तीन किमी का लंबा चक्कर लगाकर लोगों को करबला के पास से भदैया कुंड की ओर जाने वाले धूल भरे रास्ते से होकर जाना पड़ रहा है। धूल भरे इस आधा किमी के रास्ते पर जब भी कोई चार पहिया वाहन निकलता है, तो पीछे दुपहिया व तिपहिया वाहन पर आने वाले लोगों को आगे कुछ भी नजर नहीं आता। यह स्थिति रात में और भी अधिक विकट बनती है।
ऐसा रहता है नजारा
एक तरफ जहां नेता व कार्यकर्ता अपनी मंत्रणा कर रहे होते हैं, वहीं होटल में रुके अन्य टूरिस्ट कभी अपने बच्चे को घुमाने तो कभी अन्य काम से बाहर आते हैं। चूंकि होटल में कोई भी रुक सकता है, इसमें कोई बाध्यता नहीं है। यह अलग बात है कि जब सीएम ने समाज प्रमुखों की बैठक में भाषण दिए तो उनके सुरक्षा गार्ड व अन्य नेताओं ने मोबाइल बंद कराने में पूरा जोर लगाया।
"हमारे होटल में दोनों दलों के नेताओं के अलावा अन्य टूरिस्ट भी रुके हुए हैं। चुनाव कराने के लिए बाहर से आने वाले अधिकारी भी यहीं रुके हैं। अभी तो हमारे सभी कमरे फुल हैं। रास्ते खराब होने का नुकसान हमें उठाना पड़ रहा है, लेकिन चुनाव से हमें टारगेट अचीव करने में कुछ मदद मिलेगी।"
अतुल अस्थाना, मैनेजर टूरिस्ट विलेज शिवपुरी
Published on:
22 Feb 2018, 6:18 PM IST
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