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बच्चों को शिक्षित कर संवार रहे उनका भविष्य

शासन द्वारा हर साल करोड़ों रुपए शिक्षा पर खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो जाता है।

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बच्चों को शिक्षित कर संवार रहे उनका भविष्य

बच्चों को शिक्षित कर संवार रहे उनका भविष्य

ग्वालियर. शासन द्वारा हर साल करोड़ों रुपए शिक्षा पर खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो जाता है। शहर में भी ऐसे कई बच्चे हैं जो स्कूल नहीं जाते हैं। इनका बचपन पढ़ने के बजाए काम या फिर यूं ही खेलने-कूदने में गुजर जाता है। शहर के निर्भय सिंह ऐसे बच्चों को शिक्षित कर उनका भविष्य संवारने का प्रयास कर रहे हैं।

शिक्षण सामग्री भी कराते हैं उपलब्ध

आदित्यपुरम निवासी निर्भय सिंह निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे कई बच्चे हैं, जिनके पिता मजूदरी करने शहर में आते हैं। माता-पिता मजदूरी करते हैं, बच्चे छोटे होने के कारण वह उन्हें भी अपने साथ कार्यस्थल पर ले जाते हैं। ऐसा नहीं कि यह बच्चे पढ़ना नहीं चाहते, लेकिन मजबूरी में वह शिक्षा से दूर हो जाते हैं। मजदूरी के चक्कर में कई बार माता-पिता को दूसरे शहरों में भी जाना पड़ता है, ऐसे में बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। ऐसे बच्चों को उन्होंने मेला ग्राउंड के आसपास खेलते देखा तो उन्हें पढ़ाने का मन बनाया। वह सप्ताह में दो दिन बच्चों को पढ़ाते हैं। उन्हें शहर में जहां भी ऐसे बच्चे मिलते हैं, वह उन्हें पढ़ाना शुरू कर देते हैं, इनमें कई ऐसे बच्चे भी हैं जो काम करते हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के साथ वह उन्हें गिफ्ट भी बांटते हैं। साथ ही माता-पिता को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हैं और उन्हें बच्चों को स्कूल में दाखिल कराने के लिए प्रेरित करते हैं। बच्चों को पढ़ाने के साथ ही खेल भी खिलाते हैं, जिससे वह स्वस्थ रहें। उन्हें समय-समय पर किताब, कॉपियां, पेंसिल आदि भी उपलब्ध करवाते हैं, जिससे पढ़ाई में व्यवधान न आए और बच्चों का भविष्य संवर सके।