पचास सीटर स्कूल बसों पर रोक के आदेश से भडक़े ऑपरेटर

बस ऑपरेटरों ने इसे तुगलकी फरमान बताया और इसे बदलने की मांग की। ज्ञात हो कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर प्रशासन ने 50 सीटर बसें बंद कर 20 सीटर बसें चलाने को कहा है

By: Rahul rai

Published: 29 Mar 2019, 12:54 AM IST

ग्वालियर। पचास सीटर स्कूल बसों पर रोक लगाने के आदेश के विरोध में गुरुवार को स्कूल बस ऑपरेटर यूनियन के पदाधिकारी सडक़ पर उतर आए और उन्होंने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कलेक्टर के नाम एसडीएम प्रदीप तोमर को ज्ञापन सौंपा। पचास सीटर स्कूली बसें शहर की सडक़ों पर नहीं दौड़ सकेंगी, बीते दिनों जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए इस नियम का विरोध करते हुए बस ऑपरेटरों ने इसे तुगलकी फरमान बताया और इसे बदलने की मांग की। ज्ञात हो कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर प्रशासन ने 50 सीटर बसें बंद कर 20 सीटर बसें चलाने को कहा है, क्योंकि बड़ी बसें सडक़ों पर आसानी से मुड़ नहीं पाती हैं, जिससे जाम लग जाता है।

 

यूनियन के अध्यक्ष नीलू भदौरिया ने एसडीएम तोमर को ज्ञापन सौंपने के दौरान कहा कि पचास सीटर बस की जगह 20 सीटर चलाने से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में व्यवधान आएगा, क्योंकि शहर में स्कूल बसों की संख्या करीब 800 है, जब यह बसें 20 सीटर होंगी तो तीन गुना संख्या बढ़ जाएंगी, इससे जगह-जगह जाम की स्थिति बनेगी। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्कूल बसें सुबह एक घंटे व शाम को एक घंटे के लिए शहर की सडक़ों से निकलती हैं, जबकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी 50 सीटर बसें लाई जा रही हैं, जो सुबह से शाम तक शहर में चक्कर लगाएंगी।

 

उन्होंने कहा कि शहर की सडक़ों पर कार पार्किंग, बाइक पार्किंग, चार पहिया ठेला, फुटपाथी दुकानदारों की वजह से ज्यादा जाम लगता है, इन्हें हटाया जाए तो जाम से मुक्ति मिलेगी। वहीं शहर में टेम्पो, मैजिक निर्धारित संख्या से ज्यादा हैं, इससे जाम लग रहा है, इन पर रोक लगाई जाए।

 

आज होगी बैठक
कलेक्ट्रेट पर शुक्रवार को जिला प्रशासनिक अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, स्कूल संचालक, स्कूल बस ऑपरेटर, अभिभावकों के साथ बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्कूलों में आरटीइ को लेकर प्रवेश, स्कूलों की सुरक्षा, बसों की सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा होगी।

Rahul rai
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