अगर कहीं लग जाती आग तो जिंदा जल जाते 23 नवजात, VIDEO में देखे पूरा वाक्या

अगर कहीं लग जाती आग तो जिंदा जल जाते 23 नवजात, वीडियो में देेंखे पूरा वाक्या

By: Gaurav Sen

Updated: 30 May 2018, 11:20 AM IST

ग्वालियर। जिला अस्पताल मुरार के एसएनसीयू में सोमवार-मंगलवार की रात २३ नवजात करीब आधे घंटे तक आग के खतरे में घिरे रहे। आउटबोर्न यूनिट की फोटोथैरेपी मशीन में देर रात करीब २ बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिस वक्त फोटोथैरेपी मशीन में आग लगी, उसमें एक नवजात शिशु मौजूद था। बच्चे के ठीक नीचे आधे घंटे तक आग की लपटें उठती रहीं। थोड़ी ही देर में धुआं फैल गया। इसी बीच, नर्स रेणु राजपूत का ध्यान इस ओर गया और उन्होंने दौड़कर बिजली के स्विच ऑफ किए। इससे आग फैल नहीं सकी और बड़ा हादसा टल गया। नवजात बच्चों को धुएं की घुटन से बचाने के लिए तत्काल दूसरी यूनिट में शिफ्ट किया गया।


एसएनसीयू की वायरिंग खराब पहले भी भड़की चिंगारी

एसएनसीयू की वायरिंग खराब हो चुकी है। इसे बदलने के लिए कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन बजट का अभाव बताते हुए वायरिंग नहीं बदली जा सकी है। घटना के बाद अब वायरिंग बदलने के लिए टेंडर होने की बात कही जा रही है। इससे पहले भी एसएनसीयू में शॉर्ट सर्किट हो चुका है। तब भी नवजातों को दूसरी यूनिट में शिफ्ट करना पड़ा था।

 

हो चुका है टेंडर
लाइन बदलने टेंडर हो चुका है। काम शुरू होने तक नवजात बच्चों की सुरक्षा को लिए एनएचएम से मार्गदर्शन मांगा है।

डॉ.वीके गुप्ता, सिविल सर्जन

 

अस्पताल में युवती का शव छोड़कर भागे ससुराल वाले
ग्वालियर।आग से झुलसी महिला की मौत के बाद उसका पति और ससुराल वाले अस्पताल में उसका शव छोड़कर भाग गए। शव को गोला का मंदिर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज के लिए उसकी हत्या की गई है। अर्जुन सिंह निवासी हजीरा ने बताया भतीजी रजनी की शादी दो साल पहले ओरैया, यूपी निवासी सोनू से हुई थी। सोनू मायके से ५ लाख रुपया लाने के लिए रजनी पर दवाब डाल रहा था। ९ मई को रजनी के दूध से जलने का फोन ससुराल से आया। वहीं ससुराली लोग उससे भाई, भाभी को रजनी से मिलने नहीं देते थे। मंगलवार को उसकी मौत हो गई।

Gaurav Sen
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