ग्वालियर चंबल संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में मरीज से खुलेआम लूट,डॉक्टर देते है ऐसे तर्क

ग्वालियर चंबल संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में मरीज से खुलेआम लूट,डॉक्टर देते है ऐसे तर्क

monu sahu | Publish: Aug, 12 2018 01:48:06 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

ग्वालियर चंबल संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में मरीज से खुलेआम लूट,डॉक्टर देते है ऐसे तर्क

ग्वालियर। छोटी सी पर्ची पर ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाला कुछ सामान लिखकर जूनियर डॉक्टर ने मरीज के परिजन को पर्ची थमा दी। बोला..जाओ इसमें जो सामान लिखा है वह लेकर जल्दी आओ, ऑपरेशन में लगेगा। सादा पर्ची जिस पर न कोई हस्ताक्षर अगर कुछ लिखा था, तो एक इंजेक्शन, क्लीनिकल स्प्रिट और ग्लब्स। पर्ची लेकर मरीज का परिजन मेडिकल स्टोर की ओर सामान लेने चल देता है। चौकाने वाली बात यह है कि मरीजों को वे दवाएंऔर सामान भी बाहर से खरीदने के लिए लिखा जा रहा है जो अस्पताल में उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें: दो दिन से लापता किसान की बॉडी मिली,मौत से पहले शव से की ऐसी घिनौनी हरकत,see video

ट्रॉमा सेंटर, मेडिसिन, सर्जरी, न्यूरोसर्जरी सहित अन्य विभाग के वार्डों में दिन भर पर्ची का खेल चलता है। चार से पांच बार मरीजों को बाजार से दवा लाने के लिए पर्ची लिखी जाती है। उदाहरण के तौर पर सर्जरी विभाग में भर्ती एक मरीज दौलतराम का ऑपरेशन होना है एेसा उसके भतीजे जीतू ने बताया। लेकिन ऑपरेशन से पहले उसे बाजार से कुछ सामान खरीदकर लाने के लिए एक पर्ची थमाई गई। उसने बताया कि इस तरह की कई पर्ची अब तक उन्हें दी गई हैं।

यह भी पढ़ें : मौत से लड़ती रही नन्ही जान न तो जन्म देने वाली मां का कलेजा पिघला न ही पिता आया सामने,आपको हैरान कर देगी ये खबर


इंडेंट से मंगाई जाती है दवा
अस्पताल में दवा का पर्याप्त स्टॉक है। वार्ड में दवाएं और सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिसिन स्टोर कोइंडेंट भेजा जाता है। वहां से डिमांड के हिसाब से दवा व अन्य सामान उपलब्ध कराया जाता है। इसके बाद भी वार्डों में दवा व अन्य सामान के लिए जूनियर डॉक्टर पर्ची लिखकर देते हैं।

यह भी पढ़ें : विदेशी यूनिवर्सिटीज की मार्कशीट के फॉर्मेट अब पोर्टल पर होंगे अपलोड,छात्रों के मिलेगा ये लाभ

मरीजों की परेशानियां
ट्रॉमा सेंटर भर्ती मरीज के तीमारदार ने बताया डॉक्टर हर घंटे दो से तीन पर्चियां थमा देते हैं
मरीज को बार-बार बाजार की दवाएं लिखी जा रही हैं।
24 घंटे के भीतर तीन हजार रुपये की दवाएं बाहर से मंगा चुके हैं।
इसी तरह तीमारदार अनिल का मरीज इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में भर्ती है

यह भी पढ़ें : महाराज बाड़े पर आज से हर रोज सुबह 8.30 बजे सुनाई देगा राष्ट्रगान


डॉक्टर शाम से अब तक उसे दस पर्चियां लिख चुके हैं
प्रत्येक पर्ची में दो से तीन दवाएं लिखी जा रही हैं। दवाओं का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं
जानकारी देने वाला कोई नहीं
जूनियर डॉक्टर खुलेआम मरीजों को बाहर की जांच और दवाएं लिख रहे हैं।
सबसे ज्यादा मरीजों से लूट जनरल सर्जरी विभाग में चल रही है
ट्रॉमा सेंटर में खून जांच की सुविधा न होने से मरीजों के नमूने बाहर भेजे जा रहे हैं।

 

कड़ी कार्रवाई करेंगे
इस मामले पर सख्ती बरती जाएगी। अगर कोई तीमारदार यह शिकायत करता है। कि उससे बाहर की महंगी दवा मंगवाई जा रही है। तो उस मामले की पूरी तरह से जांच होगी। अगर बाहर का कोई दलाल सामने नजर आता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.जेएस सिकरवार, अधीक्षक, जेएएच

Ad Block is Banned