सावधान : यहां से निकलने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर, वरना जा सकती है आपकी जान

सावधान : यहां से निकलने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर, वरना जा सकती है आपकी जान
सावधान : यहां से निकलने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर, वरना जा सकती है आपकी जान

monu sahu | Updated: 27 Aug 2019, 12:27:27 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

बारिश के चलते पिछले 36 घंटे से पचावली के पुराने पुल के ऊपर से पानी का बहाव चल रहा है

ग्वालियर। प्रदेश के शिवपुरी जिले के सिंध नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश के चलते पिछले 36 घंटे से पचावली के पुराने पुल के ऊपर से पानी का बहाव चल रहा है। सोमवार दोपहर पानी का फ्लो कम हुआ तो जरूरी काम से निकले लोग जान जोखिम में डालकर न केवल पुल पार करते रहे, बल्कि बाइक लेकर भी वहां से निकल रहे थे। पुराना पुल कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, बावजूद इसके पानी के बहाव के बीच रेत से भरे डंपर भी निकलते रहे।

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गौरतलब है कि बीते शनिवार शाम से सिंध नदी में आए पानी के तेज फ्लो के बीच पचावली के पुराने पुल से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। रविवार को पूरे दिन पानी का तेज बहाव होने से आवाजाही बंद रही, लेकिन सोमवार दोपहर पुल पर पानी का बहाव कुछ कम हुआ तो लोग रिस्क लेकर पुल पार करने लगे। पहले तो लोगों ने बाइक से पुल पार करना शुरू किया और जब बाइक पार हो गई तो पैदल महिला-पुरुष व बच्चों ने भी पुल पार करना शुरू कर दिया। एक तरफ जहां ग्रामीणजन इस पुल को रिस्क लेकर पार हो रहे थे, वहीं भारी वाहनों में शामिल रेत के डंपर भी इसी पुल से निकलते रहे।

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मड़ीखेड़ा के चार गेट अभी भी खुले
मड़ीखेड़ा डैम के प्रबंधक मनोहर बोराते ने बताया कि सिंध में पानी आने का क्रम अभी भी जारी है। जिसके चलते अभी भी चार गेट खुले हुए हैं। उन्होंने बताया कि शाम 6 बजे तक डैम के छह गेट खुले थे, लेकिन जब पानी कुछ कम हुआ तो दो गेट बंद कर दिए।

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पुल पर ये है खतरा

  • सिंध के कैचमेंट में होने वाली बारिश से नदी में कब तेज बहाव आ जाए? यह पता नहीं चलता है। पिछले दिनों एक रपटे को पार करते समय एक ग्रामीण की पानी में बह जाने से मौत हो चुकी है।
  • पचावली का नया पुल पिछले 15 साल से निर्माणाधीन है और पूरा होने का नाम नहीं ले रहा। जिसके चलते इस रोड से निकलते समय ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है।
  • पचावली का पुराना पुल बुरी तरह जर्जर हो चुका है और उसकी साइडें भी टूटकर पानी के साथ बह गई हैं, बावजूद इसके ओवरलोडिंग वाहन इस पुल से गुजरते हैं।

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