सीजेएम मुरैना चंबल से अवैध उत्खनन का औचक निरीक्षण कर पेश करें रिपोर्ट

-उच्च न्यायालय ने दिए आदेश, २१ तक पेश करना होगी रिपोर्ट, एसपी को सुरक्षा मुहैया कराने के भी दिए आदेश

ग्वालियर। उच्च न्यायालय ने मुरैना के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (सीजेएम ) को निर्देश दिए हैं कि वे चंबल नदी में हो रहे अवैध उत्खनन का औचक निरीक्षण कर २१ जनवरी तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके साथ ही न्यायालय ने शासन से पूछा है कि अवैध उत्खनन की निगरानी क्यों न सेटेलाइट से कराई जाए।


न्यायमूर्ति शील नागू तथा न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगलपीठ ने एसपी मुरैना को निर्देश दिए हैं कि सीजेएम जब भी निरीक्षण के लिए जाएं तो उन्हें पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। औचक निरीक्षण दिन में और रात में करना होगा। अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिए हैं।चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन को लेकर यह याचिका प्रस्तुत कर कहा गया कि यहां से लगातार राजनीतिक संरक्षण के कारण अवैध उत्खनन हो रहा है। इस अवैध उत्खनन को पुलिस, राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ है। रेत माफिया इतना मजबूत है कि वह अधिकारियों पर भी हमले करने से नहीं चूकता है। एक आईपीएस अधिकारी की जान भी जा चुकी है।

सीबीआई से जांच की मांग

याचिका में कहा गया कि यहां हो रहे अवैध उत्खनन की सीबीआई से जांच कराया जाना जरुरी है जिससे कि खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई हो सके। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस क्षेत्र में उत्खनन पर रोक लगाने के लिए सेटेलाइट के माध्यम से प्रयास किए जाने की जरुरत है। पिछले दस साल में खनन माफिया के हमलों में मारे गए अधिकारी और कर्मचारियों के मामलों की जांच भी सीबीआई से कराई जाए।

Rajendra Talegaonkar Desk/Reporting
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