वाहन स्टैंड : जबरन अवैध वसूली का विरोध करने पर लठैत दिखाते हैं डर

वाहन स्टैंड : जबरन अवैध वसूली का विरोध करने पर लठैत दिखाते हैं डर

Rajesh Shrivastava | Publish: Sep, 06 2018 07:12:02 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

अवैध वसूली का विरोध करने पर वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच विवाद की बनती है हर रोज स्थिति

ग्वालियर. शहर में वाहन स्टैंड इन दिनों अवैध वसूली करने वालों के लिए अच्छा धंधा साबित हो रहा है। वजह इसकी साफ है कि इन ठेकेदारों पर शासन या प्रशासन की कोई लगाम नहीं है। अभी हाल ही में देखने में आया है कि तिघरा डैम पर ठेकेदार के लठैतों द्वारा वाहन चालकों से जबरन अवैध वसूली की जा रही है। अवैध वसूली के आगे इन्हें लोगों के वाहनों की सुरक्षा की चिंता नहीं है। पार्किंग में वाहनों की सुरक्षा का खुलासा करने के लिए रिपोर्टर अपने एक साथी की गाड़ी को पार्किंग से उठाकर बाहर तक ले आया, लेकिन उसे कोई रोकने-टोकने वाला नहीं था। इसी के साथ ही पार्किंग में वाहनों का कोई भी रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है।

इधर, अवैध वसूली का विरोध करने पर वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है। पार्किंग के नाम पर वसूली करने वाले कर्मचारी वाहन चालकों की मारपीट करने से भी नहीं चूक रहे हैं। अहम बात तो यह है कि बाइक की पर्ची 10 रुपए की है, फिर अधिक पैसे वसूलते हुए पार्किंग के नाम पर रोजाना ही 80 हजार से 1 लाख की अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। इस बात का खुलासा एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा तिघरा डैम पर स्टिंग के दौरान किया।

एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा जब तिघरा डैम पर पार्किंग का स्टिंग किया तो पता चला कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा पार्किंग का ठेका करतारसिंह गुर्जर के नाम पर दिया गया है। पार्किंग के नाम पर वसूली करने वाले कर्मचारी तिघरा डैम में प्रवेश करने से पहले ही सडक़ पर खड़े थे, जहां पर कर्मचारियों द्वारा वाहन चालकों को रोककर पर्ची थमाई जा रही थी और प्रति बाइक से पहले 50 रुपए तक की मांग की गई, ऐसे में अगर वाहन चालक द्वारा विरोध किया तो उससे 30 रुपए लेकर ही प्रवेश करने दिया गया। हालांकि कई वाहन चालकों द्वारा विरोध करते हुए कहा गया कि पर्ची पर 10 रुपए ही लिखे हुए है फिर भी अधिक पैसे क्यों लिए जा रहे हैं। जिस पर पार्किंग के कर्मचारी एक साथ एकत्रित होकर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। ऐसे में परिवार के साथ गए लोगों को शर्मींदगी के चलते अधिक पैसे देकर ही प्रवेश करना पड़ा।

कोई भी ले जा सकता है किसी की गाड़ी

एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा जब पार्किंग में रखे जाने वाले वाहनों की सुरक्षा के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा वाहन चालकों से डैम में प्रवेश करने के दौरान लाल और पीले रंग की पर्ची थमाई जा रही है। लेकिन कर्मचारियों द्वारा किसी भी पर्ची पर वाहनों के न तो नंबर लिखे जाते हैं और नही वाहन चालक का कोई नाम व पता। ऐसे में कोई भी किसी भी अन्य व्यक्ति का वाहन चोरी कर ले जा सकता है।

वसूली करने वाले से रिपोर्टर की बातचीत
रिपोर्टर- पार्किंग में गाड़ी लगानी है, कहां लगाए और कितने पैसे लगेंगे?
वसूलीकर्ता- 10 रुपए की पर्ची देते हुए 30 रुपए लगेंगे।
रिपोर्टर- अरे इस पर तो 10 रुपए लिखे हैं फिर 30 किस बात के
वसूलीकर्ता- 20 रुपए दो इससे कम नहीं लगेेंगे और गाड़ी अंदर मैदान में रख देना।
रिपोर्टर- तुमने पर्ची पर गाड़ी का नंबर और नाम तो लिखा ही नहीं है।
वसूलीकर्ता- अरे तुम्हें इससे क्या करना है, पार्किंग में गाड़ी रखो और मजे करो।
रिपोर्टर- जब नंबर और नाम नहीं लिख रहे हो तो गाड़ी की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
वसूलीकर्ता- ज्यादा नेतागिरी तो कर मत, तिघरा घुमना है तो पैसे दे और गाड़ी पार्किंग में लगा ले, नहीं तो चलता बन।

-पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है तो यह गलत है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - शिवम वर्मा, जिला पंचायत सीईओ

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