प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल की नींव डलेगी इस जगह, इस जिले में बसता है शहीदों का गांव

प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल की नींव डलेगी इस जगह, इस जिले में बसता है शहीदों का गांव

Gaurav Sen | Publish: Feb, 26 2019 03:22:25 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल की नींव डलेगी इस जगह, इस जिले में बसता है शहीदों का गांव

ग्वालियर. प्रदेश में रीवा के बाद अब भिंड जिले के मालनपुर औद्यौगिक क्षेत्र में भी सैनिक स्कूल शुरू होने की संभावना है। विधानसभा चुनाव से पहले देश की रक्षामंत्री और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई घोषणा के बाद हॉटलाइन इकाई के पास 50 एकड़ जमीन को चिन्हांकित किया गया है। इस जमीन को स्कूल के लिए उपयुक्त माना गया है। अब यहां प्रदूषण और उद्योग विभाग की एनओसी मिलने के बाद काम शुरू हो सकता है।

दरअसल, विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 20 फरवरी को भिंड के विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने सैनिक स्कूल को लेकर प्रश्न उठाया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि जमीन को तय करने में देर हो तो किराए की बिल्डिंग में भी स्कूल शुरू किया जा सकता है। इस दौरान विधायक अरविंद सिंह भदौरिया ने मालनपुर में स्कूल शुरू कराए जाने को लेकर जोर दिया था। इसके जवाब में सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने केन्द्र सरकार से 100 करोड़ रुपए मिलने के बाद स्कूल शुरू कराए जाने की हामी भरी थी। इसके बाद सीएम कमलनाथ ने कहा है कि केन्द्र सरकार से सहयोग दिलवाएं। जवाब में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जनहित के लिए पूरा सहयोग करने की बात कहकर स्कूल के लिए पूरा समर्थन करने की बात कही है। पक्ष और विपक्ष की आपसी सहमति होने के बाद अब भिंड जिले में सैनिक स्कूल खुलने के आसार नजर आने लगे हैं।

अगले सत्र से हो सकती है शुरुआत
केन्द्र सरकार के फंड मिलने और राज्य सरकार द्वारा जमीन आवंटन में सभी बाधाओं को दूर कर हरी झंडी दिए जाने के बाद मालनपुर की जमीन पर सैनिक स्कूल की शुरुआत हो सकती है। केन्द्र और राज्य सरकार की राशि से स्कूल के लिए आवंटित होने वाली जमीन पर टीचर्स की नियुक्ति, स्टॉफ की व्यवस्था सहित सभी इंतजाम हो सकेंगे।

यह होगा फायदा

  • मालनपुर में सैनिक स्कूल खुलने से भिंड के साथ-साथ मुरैना और ग्वालियर जिले के बच्चों को लाभ मिल सकेगा।
  • तीनों जिलों की सीमा से नजदीकी होने के कारण इस स्थान पर स्कूल खुलना सबसे ज्यादा मुफीद साबित होगा।
  • इस क्षेत्र में स्कूल खुलने से औद्योगिक क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
  • इन चुनौतियां से निपटना जरूरी
  • औद्यौगिक क्षेत्र में स्कूल खुलने से सबसे ज्यादा चुनौती फैक्ट्रियों के धुएं से होने वाले प्रदूषण से निपटने की रहेगी।
  • जगह के लिए उद्योग विभाग से अनुमति लेने के साथ लैंड यूज में भी बदलाव कराना पड़ेगा।
  • नेताओं को आपसी खींचतान और श्रेय लेने की होड़ से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य को लेकर सोचना पड़ेगा।

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