पांच साल से स्कूल का 100 परसेंट रिजल्ट लाने वाले प्राचार्य ने बताया सफलता का सूत्र

पांच साल से स्कूल का 100 परसेंट रिजल्ट लाने वाले प्राचार्य ने बताया सफलता का सूत्र

Rahul Aditya Rai | Publish: May, 17 2019 07:37:15 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

पांच साल से उनके स्कूल का हाईस्कूल का रिजल्ट सौ फीसदी रहता है। इसके लिए पूरा स्टाफ मेहनत करता है। सर्दियों में जब अवकाश शुरू होते हैं या फिर त्योहारों पर अवकाश होता है, उस दिन भी स्कूल में क्लास लगाई जाती हैं।

ग्वालियर। बोर्ड परीक्षा में सौ फीसदी रिजल्ट देने वाले जिले के 10 स्कूलों के प्राचार्यों को गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी संजीव शर्मा एवं डीपीसी अशोक दीक्षित ने माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डीईओ ने पिछले पांच साल से सौ फीसदी रिजल्ट देने वाले पारसेन हाईस्कूल के प्रभारी प्राचार्य शांतनु चौहान को मंच पर बुलाया और उनकी पीठ थपथपाते हुए उनसे अपने अनुभव सभी प्राचार्यों के समक्ष शेयर करने को कहा।

 

इस पर प्रभारी प्राचार्य चौहान ने बताया कि पांच साल से उनके स्कूल का हाईस्कूल का रिजल्ट सौ फीसदी रहता है। इसके लिए पूरा स्टाफ मेहनत करता है। सर्दियों में जब अवकाश शुरू होते हैं या फिर त्योहारों पर अवकाश होता है, उस दिन भी स्कूल में क्लास लगाई जाती हैं। स्कूल के शिक्षकों का लक्ष्य भी हर साल सौ फीसदी रिजल्ट देना रहता है। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं गणित का शिक्षक हूं। कठिन सवालों का सरल समाधान करने का प्रयास करता हूं।

 

बोर्ड परीक्षा परिणाम आने के बाद जिलेभर के स्कूलों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी शर्मा ने प्राचार्यों को बुलाया। इस दौरान जिले के सौ फीसदी रिजल्ट देने वाले 10 स्कूलों के प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। बैठक में जिलेभर के प्राचार्य व उनके सहयोगी उपस्थित हुए।

 

स्कूल में शिक्षक नहीं, इसलिए बिगड़ा परिणाम
बैठक में भितरवार ब्लॉक के गडज़ार स्थित हाईस्कूल के प्राचार्य अनुपस्थित थे। उनके सहयोगी आए थे, डीईओ ने उनसे पूछा कि आपका रिजल्ट खराब रहा, आखिर क्यों? इस पर स्कूल के शिक्षक ने बताया कि स्कूल का उन्नयन दो साल पहले हुआ, लेकिन स्कूल में शिक्षक नहीं हैं, अतिथि शिक्षक मिले नहीं। ऐसे में मिडिल स्कूल के स्टाफ ने छात्रों को पढ़ाया। संसाधनों और स्टाफ की कमी से छात्रों की तैयारी सही ढंग से नहीं हो सकी।

 

अतिथि शिक्षकों की कमी खली
नौमहला स्थित हाईस्कूल की प्राचार्य प्रतिभा त्रिवेदी के स्कूल का परीक्षा परिणाम पिछले साल की अपेक्षा दस फीसदी से ज्यादा बिगड़ा। इस पर उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों की कमी खली। अतिथि शिक्षक न मिलने से छात्र भी स्कूल में कम आते थे, इसलिए परिणाम प्रभावित हुआ।

 

मैपिंग व आरटीई पर हुई चर्चा
बैठक में छात्रों का नामांकन कराने, मैपिंग और आरटीई के प्रवेश पर भी डीईओ ने चर्चा की। बताया कि 29 मई तक आरटीई में प्रवेश होना है। वंचित एवं गरीब वर्ग के छात्रों को जानकारी दें। उनके बीच प्रचार प्रसार कराया जाए। स्कूलों में बैनर व फ्लैक्स लगाए जाएं। निजी स्कूलों में 25 फीसदी गरीब बच्चों के आरटीई के तहत प्रवेश कराना है।

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