अवैध कॉलोनियों में जनभागीदारी से होगा विद्युतीकरण, मुरार नदी का बहाव क्षेत्र 50 मीटर और दोनों ओर 20 मीटर में बनना है सडक़

-सांसद ने कहा कि मुरार नदी को लेकर मेरे पास नहीं आया अभी तक कोई नया प्रस्ताव

-18 करोड़ रुपए के फंड से अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण

-खाद्यमंत्री ने कहा, सफाई के लिए अगर जनप्रतिनिधियों को नाले में उतरना पड़े तो इससे ज्यादा दुर्भाग्य की बात कोई नहीं
-सुबह 11.10 बजे शुरू हुई दिशा की बैठक 2 बजे तक रही जारी

ग्वालियर। ऐसी अवैध कॉलोनियां जिनके रहवासियों ने कुछ राशि का भुगतान कर दिया है, वहां अभी तक विद्युतीकरण का काम नहीं हुआ है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाए और अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण करके वैध कनैक्शन प्रदान किए जाने चाहिए। मुरार नदी के सौंदर्यीकरण के लिए जो काम किए जा रहे हैं, उनमें न नक्शा है, न अभी तक यह पता है कि बहाव क्षेत्र कितना है। नदी के बहाव क्षेत्र को 50 मीटर और आसपास 20 मीटर जगह पर सडक़ और सौंदर्यीकरण की जो बात की जा रही है, उसका प्रस्ताव अभी तक मुझे नहीं मिला है। जब तक यह पता नहीं चलता है कि नदी का वास्तविक बहाव क्षेत्र कहां था, अब कितना बचा है और कितना करना चाहते हैं तब तक यह काम करना आसान नहीं है। यह बात सांसद विवेक शेजवलकर ने दिशा की बैठक में आए प्रस्तावों को लेकर कही है। इस दौरान खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने स्वास्थ्य सेवाएं और निर्माण कार्यों में बिना किसी राजनीति के मिलकर काम करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सफाई के लिए जनप्रतिनिधियों को नाले में उतरना पड़ेगा तो फिर नगर निगम किस बात के लिए है। विधायक भारत सिंह कुशवाह ने बताया कि बिजली बिल के नाम पर गरीब लोगों को परेशान किया जा रहा है, जबकि बड़े बकायादारों से वसूली नहीं की जा रही है, रनगवां गांव के स्वास्थ्य केन्द्र में भूसा भरा हुआ है। दक्षिण विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि ने कहा कि बिजली कटौती के बारे में आम जन को पेपर में खबर आने के बाद पता चलता है, लेकिन जो समय दिया रहता है, उसकी बजाय दूसरे समय कटौती कर देते हैं।

मंगलवार को सुबह 11.10 बजे से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) बैठक सांसद की अध्याता में हुई। बैठक में सांसद, मंत्री और विधायक के अलावा जिपं अध्यक्ष मनीषा यादव, कलेक्टर अनुराग चौधरी, कांग्रेस ग्रामीण इकाई जिलाध्यक्ष मोहन सिंह राठौर, जिपं सीईओ शिवम वर्मा, पशु पालन मंत्री के प्रतिनिधि सूरज सिंह गुर्जर, प्रभात झा के प्रतिनिधि श्याम सिंह सेंगर, दक्षिण विधानसभा विधायक प्रवीण पाठक के प्रतिनिधि इब्राहिम पठान सहित अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद थे।

 

यह बोले सांसद-मंत्री और विधायक


-खाद्यमंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आम जन के स्वास्थ्य और निर्माण कार्यों में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में स्ट्रेचर तक नहीं मिलते हैं। यहां स्ट्रेचर पब्लिकली किए जाएं या फिर स्ट्रेचर पर हॉस्पिटल का आदमी तैनात रहे। इस सबसे बड़े अस्पताल में सुधार के लिए बिना किसी राजनीति के सभी को साथ मिलकर काम करना पड़ेगा। तीन मार्च को जो बैठक होगी, उसमें इस अस्पताल के सुधार को लेकर बात करेंगे। अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण के लिए सांसद,विधायक निधि के साथ जनभागीदारी और जन सहयोग से राशि इक_ी करके काम किया जाना चाहिए। इसके लिए कलेक्टर जनप्रतिनिधियों की बैठक बुला लें। तोमर ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग में जितनी भी अनियमितताएं हो रही हैं, उन पर कार्रवाई कर दो, ताकि सभी में मैसेज चला जाए। अगर कोई जनप्रतिनिधि आपसे काम के लिए कह रहा है तो उसको राजनीतिक नजर से न देखें। ध्यान रहे दिखावा भले ही कम हो लेकिन काम गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। गुणवत्ता में समझौता हुआ तो कलेक्टर साहब मैं ऊपर तक बात करूंगा।

 

-सांसद विवेक शेजवलकर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय मुरार में आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों को सही तरीके से दवाएं आदि नहीं दी जा रही हैं। खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ देने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। घाटीगांव क्षेत्र में आवागमन सही करने के लिए मोहना-पोहरी-श्योपुर रोड से कनैक्टिंग सडक़ों का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए।


-विधायक भाारत सिंह कुशवाह ने कहा कि वार्ड-63 के अंतर्गत बरौआ-रायरू डिपो रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी का निर्माण किया जाए। पेजयलज के लिए जितने भी बोर किए जाएं उनकी गहराई 120 से 125 मीटर की जगह 150 से 175 मीटर रखी जाए। समय पर बिल जमा कर रहे उपभोक्ताओं को रीडिंग के हिसाब से सही बिल दिए जाएं। बेहट प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए। ग्रामीण क्षेत्र के भोगीराम का पुरा में जहां डीपी लगानी थी, वहां न लगाकर बजाज कंपनी द्वारा रास्ते में लगा दी गई है, जिससे आवागमन अवरुद्ध हो रहा है। कंपनी पर कार्रवाई की जाए। किसानों की सम्मान निधि खातों में नहीं आ रही है। इसके साथ ही सभी पुराने तालाबों को सही करके पानी रोका जा ताकि भू जल स्तर में सुधार आए।

 

आलू अनुसंधान केन्द्र हटाना जरूरी


बैठक में कलेक्टर ने सांसद से कहा कि विमानतल के पास स्थित आलू अनुसंधान केन्द्र को सुरक्षा के लिहाज से हटाया जाना जरूरी है। यहां आलू खाने के लिए आने वाले पशु पक्षियों की वजह से यात्री एवं लड़ाकू विमानों को खतरा हो सकता है। इसको हटाने के बाद एरोड्रम पहुंच मार्ग का निर्माण आसानी से किया जा सकेगा। इसके साथ ही कलेक्टर ने बताया कि ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में 15 गांव चिन्हित किए गए हैं। इन गांवों को ऑर्गेनिक खेती के लिए मॉडल के रूप में चिन्हित किया जाएगा।

यह भी दिए हैं निर्देश
-अमृत योजना के अंतर्गत उन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जहां अभी काम नहीं किया जा रहा है। छावनी क्षेत्र में भी अमृत योजना से काम कराने के लिए प्रस्ताव तैयार होंगे।

-सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। रियासतकालीन तालाबों का जीर्णोद्धार करने के लिए प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे।
-बिजली की समस्याओं का निराकरण करने के लिए शासन स्तर से गठित समितियों की बैठक नियमित होगी और प्रत्येक मंगलवार को कंपनी के अधिकारी अपडेट जानकारी देंगे। विद्युत समितियों की जानकारी कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों को दी जाएगी।

-बिजली बिल के बड़े बकायादारों से पहले वसूली होगी, गरीब लोगों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा।
-अंधत्व निवारण के अंतर्गत सभी स्कूलों में बच्चों की आंखों की जांच कराकर चार्ट तैयार किया जाएगा और परीक्षण के बाद चश्ते दिए जाएंगे।

-सडक़ों के निर्माण में चिकनी मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाएगा।
-लक्ष्मीगंज में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्र का काम जल्द पूरा होना चाहिए।

Dharmendra Trivedi Reporting
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