रेलवे पुलिस को गोद में मिलेगी रेलगाडिय़ां, अगर हुई कोई घटना तो पूरी जिम्मेदारी होगी अफसर की

रेलवे पुलिस को गोद में मिलेगी रेलगाडिय़ां, अगर हुई कोई घटना तो पूरी जिम्मेदारी होगी अफसर की

Gaurav Sen | Updated: 03 Jun 2019, 02:15:40 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

ट्रेनों में चोरी, लूटपाट की बढ़ रहीं वारदातें........

ग्वालियर. टे्रनों में बढ़ती वारदातों को रोकने के लिए रेलवे द्वारा आरपीएफ अफसरों की जिम्मेदारी तय की तैयारी की जा रही है। इसके तहत आरपीएफ अफसरों को तीन-तीन ट्रेनें गोद दी जाएंगी। इन ट्रेनों में यात्री की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इन अफसरों की होगी। ट्रेनों में अगर चेन पुलिंग, चेन स्नेचिंग, लूटपाट और चोरी की घटना होती है तो इन्हीं अधिकारियों की जवाबदेही होगी। घटना के बाद पीडि़त की कितनी और कैसी मदद की, यह भी देखा जाएगा। यदि पीडि़त व्यक्ति संतुष्ट नहीं हुआ तो ट्रेन गोद लेने वाले अफसर पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ट्रेन एस्कॉर्ट की भी जिम्मेदारी होगी। ट्रेन में चल रहा एस्कॉर्ट घटना के बाद तुरंत बाद गोद लेने वाले अधिकारी को इसकी सूचना देगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।


इलाहाबाद, कानपुर में शुरू हो चुकी है व्यवस्था

इलाहाबाद और कानपुर में ट्रेनों को गोद देने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसमें आरपीएफ के कमांडेंट, सहायक कमांडेंट एवं अन्य अफसरों को ट्रेनें गोद दी गई हैं। जिन अफसरों को ट्रेनें दी गई हैं, ट्रेन और यात्री संबंधी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन अफसरों की होगी।

यह भी पढ़ें : सीनियर खिलाड़ी ने जूनियर को किया परेशान, कोच ने किया शिष्य का यौन शोषण


आरपीएसएफ ने संभाला मोर्चा
ग्वालियर स्टेशन पर कई दिनों से ट्रेनों में चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसे लेकर आरपीएफ के साथ अब आरपीएसएफ भी प्लेटफॉर्म पर गश्त करते हुए दिखेगी। इसके लिए आरपीएफ को आरपीएसएफ के 12 जवान मिल गए हैं। यह जवान ट्रेनों के साथ प्लेटफॉर्म पर भी दिखेंगे। इसके साथ ग्वालियर से निकलने वाली ट्रेनों में आरपीएफ ने भी गश्त बढ़ाई है।

यह भी पढ़ें : जीजा के साथ मिलकर पति को छत से फेंका, पति की जिंदगी मौत से जंग जारी

नाम, मोबाइल नंबर चार्ट पर होगा
ट्रेन गोद लेने वाले आरपीएफ अफसरों का नाम और मोबाइल नंबर ट्रेन के चलित स्टाफ के पास और आरक्षण चार्ट पर अंकित होगा। अगर कोई घटना होती है तो मोबाइल नंबर पर संपर्क कर शिकायत की जा सकती है।

नई व्यवस्था से सुरक्षा बेहतर होगी। अफसरों की जवाबदेही से ट्रेनों में निगरानी सिस्टम बेहतर हो जाएगा। झांसी मंडल के लिए भी प्लान तैयार हो रहा है, इसे यहां भी जल्द ही लागू किया जाएगा।
उमाशंकर तिवारी, कमांडेंट, आरपीएफ

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned