script बिजली के पोल में आ रहे करंट से मृतक की पत्नी व बच्चों को मिलेगी 9.94 लाख की क्षतिपूर्ति | The wife and children of the deceased will get compensation of Rs 9.94 | Patrika News

बिजली के पोल में आ रहे करंट से मृतक की पत्नी व बच्चों को मिलेगी 9.94 लाख की क्षतिपूर्ति

locationग्वालियरPublished: Nov 24, 2023 10:45:42 pm

Submitted by:

Balbir Rawat

बरसात में पोल के पास से निकलने पर रोशन की 2013 में करंट से हो गई थी मौत

दस साल की लड़ाई के बाद मिला न्याय

बिजली के पोल में आ रहे करंट से मृतक की पत्नी व बच्चों को मिलेगी 9.94 लाख की क्षतिपूर्ति
बिजली के पोल में आ रहे करंट से मृतक की पत्नी व बच्चों को मिलेगी 9.94 लाख की क्षतिपूर्ति
पंद्रवे जिला न्यायाधीश राजेश कुमार रावतकर ने बिजली के पोल में आ रहे करंट से मृतक की पत्नी व बच्चों को 9 लाख 94 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश दिया है। क्षतिपूर्ति राशि 6 फीसदी ब्याज के साथ बिजली कंपनी को अदा करनी होगी। 10 साल की लड़ाई के बाद मृतक की पत्नी को न्यायालय से न्याय मिला है। घटना नूरगंज में घटित हुई थी। कोर्ट ने बिजली कंपनी को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
दरअसल रोशन सिंह 16 जून 2013 को रात 9.30 बजे मजदूरी करके घर लौट रहे थे। जब रोशन गली से गुजर रहे थे, तभी बिजली को पोल में आ रहे करंट की चपेट में आ आ गए जिससे मौके पर रोशन की मौत हो गई। घटना स्थल पर जमीला, फरजिंदा ने रोशन को करंट पोल से चिपका देखा तो उन्हें अलग किया। इसकी सूचना बिजली कंपनी व ग्वालियर थाना पुलिस को दी। घटना दिनांक को बारिश भी हुई थी। मृतक की पत्नी सुखदेवी ने बिजली कंपनी से क्षतिपूर्ति की मांग की। इसके लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां दावा पेश किया। मजिस्ट्रेट ने दावा खारिज कर दिया। इस आदेश के खिलाफ अपर सत्र न्यायालय में अपील की। सुखदेवी सहित उसके चार बच्चों ने अपील की। उसकी ओर से तर्क दिया गया कि नूरगंज में बिजली की लाइनें बिछाने में बिजली कंपनी ने लापरवाही की है। बिजली का तार टूटने के बाद पोल से टच हो गया। जिससे रोशन की अकाल मृत्यु हुई। इसके लिए बिजली कंपनी के साथ-साथ कलेक्टर भी जिम्मेदार हैं। क्योंकि कलेक्टर जिले के प्रमुख होते हैं। रोशन हर महीने 10 हजार रुपए कमाता था, जिससे उसके परिवार का भरण पोषण होता था। पति की मौत के बाद उसके सामने आर्थिक संकट आ गया है। बिजली कंपनी की ओर से अपील का विरोध किया गया कि लाइनों का समय-समय पर रख रखाव किया जाता है। पोल से करंट लगने से कोई घटना घटित नहीं हुई। इस कारण अपील को खारिज किया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 6 फीसदी ब्याज के साथ 9 लाख 94 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश दिया है। ब्याज 2015 से देना होगा।

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