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जलालपुर प्लांट से एक दिन ग्वालियर, दूसरे दिन पूर्व और मोतीझील से दक्षिण- रक्कश से होगी सप्लाई

locationग्वालियरPublished: Jan 20, 2024 11:40:06 am

Submitted by:

monu sahu

एक दिन छोडकऱ पानी देने का प्लान हुआ फाइनल

 

जलालपुर प्लांट से एक दिन ग्वालियर तो दूसरे दिन पूर्व और मोतीझील प्लांट से एक दिन दक्षिण तो दूसरे दिन रक्कश से होगी सप्लाई
जलालपुर प्लांट से एक दिन ग्वालियर तो दूसरे दिन पूर्व और मोतीझील प्लांट से एक दिन दक्षिण तो दूसरे दिन रक्कश से होगी सप्लाई
ग्वालियर। एमआईसी से शहर में एक दिन छोडकऱ पेयजल सप्लाई का प्रस्ताव पास होते ही पीएचई ने पानी सप्लाई को लेकर लगभग प्लान फाइनल कर दिया है। यह प्लान परिषद से प्रस्ताव पास होते ही लागू कर दिया जाएगा। प्लान में चारों प्लांट से एक-एक दिन छोडकऱ पानी विधानसभा के हिसाब से सप्लाई किया जाएगा। खास बात यह है कि पानी की सप्लाई करने से पूर्व निगम को पानी के मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि नगर निगम के पीएचई विभाग के मिस मैनेजमेंट के चलते ही शहर में पानी सप्लाई का सिस्टम बिगड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि शहर में कई स्थानों पर तिघरा सप्लाई के साथ-साथ बोरवेल का भी पानी मिल रहा है और शहर के विभिन्न स्थानों पर पानी सडक़ों पर यू ही बर्बाद होता रहता है।
इन प्लांटों से हो रही है सप्लाई
-मोतीझील पर नया प्लांट की क्षमता 68 एमएलडी है और इससे 11 टंकियां भरी जा रही है।
-मोतीझील पर ओल्ड प्लांट की क्षमता 68 एमएलडी है और इससे 12 टंकियां ही भरी जा रही है।
-तिघरा डैम पर प्लांट की क्षमता 52 एमएलडी है और इससे 20 टंकियां भरी जा रही है। इसमें हनुमान पहाड़ी वाली तीन टंकियां डायरेक्ट है।
-जलालपुर पर प्लांट की क्षमता 160 एमएलडी है। इसमें ग्वालियर विस की 23 टंकी और पूर्व विस की 33 टंकियां भरी जा रही है।
जरूरत 270 की सप्लाई हो रही 300 एमएलडी की
निगम सीमा क्षेत्र में अभी प्रतिदिन प्लांट से लीकेज को छोडकऱ 300 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। हालांकि जरूरत 270 एमएलडी की है और बाकी पानी यू ही बर्बाद हो रहा है। इसके साथ ही 1703 हैंडपंप व लगभग 2400 बोरवेल से भी हर दिन लगभग 20 एमएलडी पानी प्रतिदिन सप्लाई हो रहा है। इस हिसाब से 30 एमएलडी से अधिक पानी पानी तिघरा में लीकेज, लाइन में लीकेज, आए दिन लाइन फूटने और कुछ पानी अफसरों की लापरवाही से सडक़ों पर फैलकर बर्बाद हो रहा।
छह वर्ष पूर्व बनाया था प्लान
वर्ष 2017-18 में 52 टंकियां बनी हुई थी और शहर में उस समय बने जलसकंट को देखकर एरिया के हिसाब से प्लान बनाया गया था। यह प्लान भी उसी हिसाब से बनाया गया है। हालांकि अब टंकियों की संख्या बढकऱ 96 हो गई है।
12 लाख की आबादी को देते है तिघरा का पानी
नगर निगम का दावा है कि शहर की करीब 12 लाख की आबादी को तिघरा का पानी दिया जाता है। इसके अलावा करीब दो से ढाई लाख की आबादी को टयूबवेल का पानी सप्लाई किया जा रहा है।
इन क्षेत्रों में होती है सबसे अधिक पानी की बर्बादी
पीएचई विभाग के जिम्मेदार अफसरों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से नाकाचंद्रबदनी, गोलपहाडिय़ा, बिरला नगर, वार्ड 52, किलागेट, थाटीपुर, किलागेट, सेवा नगर, भीमनगर, दपर्ण कॉलोनी, महलगांव,बिरला नगर, हजीरा, कुम्हरपुरा,शिवाजी नगर व थाटीपुर क्षेत्र में वेवजह ही सडक़ों पर पानी को बहाया जा रहा है। इन क्षेत्रों में पीएचई अमला कभी भी कार्रवाई करने नहीं जाता है।
48.77 प्रतिशत ही बचा है तिघरा में पानी
वर्तमान में तिघरा में 728.95 फीट यानी 2297 मिलियन क्यूबिक फीट(एमसीएफटी) पानी है। वहीं तिघरा 48.77 प्रतिशत ही भरा हुआ है। अभी शहरवासियों को प्रतिदिन 11.40 एमसीएफटी पानी सप्लाई के रूप में दिया जा रहा है। एक दिन छोडकऱ 8 एफसीएफटी ही पानी दिया जाएगा और यह जुलाई तक हो सकेगा।
इस तरह होगी सप्लाई.......
पीएचई द्वारा जलालपुर प्लांट से एक दिन पूर्व विस तो दूसरे दिन ग्वालियर विस में सप्लाई होगी। इसी तरह मोतीझील पुराने प्लांट से एक दिन आमखो व ग्वालियर तो दूसरे दिन रक्कश और न्यू प्लांट से एक दिन दक्षिण विस तो दूसरे दिन रक्कश में सप्लाई होगी। जबकि तिघरा में 6 टंकी से प्रथम दिन, 11 टंकी से दूसरे दिन और 5 टंकी से प्रथम व द्दितीय दिन सप्लाई होगी।

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