तांत्रिक बनने के लिए अधेड़ ने चढ़ा दी अपनी गर्दन की बलि

बेरी गांव निवासी रुक्मण विश्वकर्मा अक्सर तांत्रिक विद्या में लीन रहता था लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही थी। उसने आस्था के नाम पर केटेश्वर मंदिर में भगवान शंकर के चरणों में अपनी गर्दन काट दी।

By: Karishma Lalwani

Published: 26 Oct 2020, 11:51 AM IST

हमीरपुर. जिले में स्थित केटेश्वर मंदिर में एक अधेड़ व्यक्ति ने अंधविश्वास की आड़ में अपनी गर्दन काट दी। दरअसल, बेरी गांव निवासी रुक्मण विश्वकर्मा अक्सर तांत्रिक विद्या में लीन रहता था लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही थी। उसने आस्था के नाम पर केटेश्वर मंदिर में भगवान शंकर के चरणों में अपनी गर्दन काट दी। उसे उम्मीद थी कि इसके खुद की बलि चढ़ाने से भगवान खुश हो जाएंगे और यह प्रतिष्ठित तांत्रिक बन जाएगा। लेकिन इसके उलट वह बेहोश हो गया और उसकी हालत खराब हो गई। अधेड़ के गर्दन काटते ही मंदिर में हाहाकार मच गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल भर्ती करवाया गया। मंदिर के पुजारी नें पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने बलि में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद कर लिया।

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