कोविड-19 ने किया जिला अस्पताल के सिस्टम को हाइटैक
- जिला अस्पताल में 25 से अधिक वेंटिलेटर वाला आईसीयू होगा स्थापित
हनुमानगढ़. जहां एक तरह कोरोना महामारी से पूरे विश्व की अर्थ व्यवस्था हिल गई। वहीं इसी कोविड-19 के कारण हमारा स्वास्थ्य विभाग हाइटैक हो गया है। टाउन स्थित महात्मा गांधी राजकीय जिला चिकित्सालय में केवल पांच बैड का आईसीयू था। इसे भी दानदाताओं के सहयोग से शुरू किया गया था। कोविड -19 में रोगियों के बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल को कुल 21 वेंटिलेटर मिले हैं। इनमें से 14 वेंटिलेटर केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए और 7 वेंटिलेटर राज्य सरकार की ओर से जिला अस्पताल को मिले। इससे पूर्व जिला अस्पताल में 10 वेंटिलेटर थे, इनमें से आठ बिलकुल ठीक थे और दो खराब थे। वेंटिलेटर की संख्या अधिक होने पर अब अस्पताल प्रशासन आईसीयू की सुविधा में विस्तार करने जा रहा है। इसके लिए एमएलए कोटे से 16 लाख रुपए में मिले हैं। गत दिन पहले राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की बैठक में इसका अनुमोदन भी किया जा चुका है। भविष्य में 25 से अधिक बैड का आईसीयू होने से जिले के रोगियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा। निजी अस्पतालों में आईसीयू के बैड का शुल्क प्रतिदिन चार से 10 हजार रुपए शुल्क लिया जाता है।। जबकि जिला अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी। गौरतलब है कि वर्तमान में जिला अस्पताल में पांच बैड का आईसीयू है। इसे 2015 में जनसहयोग से शुरू किया गया था। पांच बैड का आईसीयू होने के कारण रोगियों को भर्ती करने में परेशानी होती है। आईसीयू शुरू होने पर जिले में एक मात्र जिला अस्पताल होगा, जहां 25 बैड का आईसीयू होगा।