हत्या के आरोप में आजीवान कारावास व अर्थदण्ड से किया दण्डित

न्यायालय का फैसला

भादरा. स्थानीय अपर सैशन न्यायाधीश मदन गोपाल आर्य ने अपने समक्ष विचाराधीन एक प्रकरण में गांव झांसल में जनवरी 2015 में हुई रामस्वरूप नामक व्यक्ति की हत्या के आरोप में प्रभाती वाल्मिकी, राजेन्द्र वाल्मिकी, दातेराम वाल्मिकी, बिटटू वाल्मिकी निवासी झांसल व बजरंग मेघवाल निवासी ढाणी झांसल को दोषसिद्ध पाये जाने पर प्रत्येक को आजीवन कारावास व पांच हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित करते हुए अन्य धाराओं में भी कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित किया है जबकि एक आरोपी लालचंद वाल्मिकी को दोषमुक्त किया है।


प्रकरण के तथ्यों के अनुसार आरोपी ने विधि विरूद्ध सभा का गठन कर घातक हथियार के साथ महेन्द्र सोनी के मकान के सामने रामस्वरूप को रोककर उस पर अन्धाधुन्ध फायरिंग की। जिसमें एक गनशांट इंजरी पीठ में लगकर पार हो गई तथा दूसरी चोट रामस्वरूप के सिर के आगे आंख पर लगी और गनशाट इंजरी से घटना के दो तीन घंटे बाद इलाज हेतु ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना को लेकर परिवादी महेश ने 27 जनवरी 2015 में पुलिस थाना भिरानी में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। जिसमें पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध आरोपपत्र पेश किया था।


ज्ञातव्य रहे कि ग्राम झंासल में 27 जनवरी 2015 को दोपहर को चौक में कुछ हमलावरों ने सेवानिवृत कर्मचारी राजस्वरूप मेघवाल 65 वर्ष पर पुरानी रंजिश को लेकर फायर कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया। घायल रामस्वरूप की हिसार में उपचार के दौरान मौत हो गई। ग्राम झांसल के चौक में रामस्वरूप मेघवाल पर फायरिंग हुई।


जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस व परिजनों ने घायल रामस्वरूप को राजकीय चिकित्सालय में ले गए। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद हिसार ले जाया गया। जहां पर ऑप्रेशन के दौरान रामस्वरूप ने दम तोड दिया। इस घटना को लेकर आरोपितों के विरूद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned