
रबी फसलों की बिजाई के लिए देंगे पूरा सिंचाई पानी, लेकिन पकाई के लिए प्रकृति पर रहेगी निर्भरता
जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता जेएस कलसी की काफी रही चर्चा
रबी बिजाई के लिए मिलेगा पूरा पानी मगर पकाई पर मंडराते रहेंगे संकट के बादल
इंदिरागांधी नहर को 26 सितम्बर से 30 अक्टूबर तक चार में दो समूह में चलाने पर बनी सहमति
जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में विधायकों ने विभाग की ओर से तैयार रेग्यूलेशन को नकारा
हनुमानगढ़. इंदिरागंाधी नहर क्षेत्र के किसानों को रबी फसलों की बिजाई के लिए पूरा पानी मिलेगा। लेकिन फसलों की पकाई पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे। क्योंकि इंदिरागांधी नहर के रबी सीजन का रेग्यूलेशन निर्धारित करने को लेकर मंगलवार को हुई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में जिस रेग्यूलेशन पर सहमति बनी है, उसमें छह मार्च को सिंचाई पानी खत्म हो जाएगा। इस स्थिति में रबी फसलों की पकाई केवल प्रकृति की मेहरबानी से ही संभव हो सकेगी।
जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के सिद्धमुख सभागार में संपन्न हुई जल परामर्शदात्री समिति बैठक की अध्यक्षता मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने की। उन्होंने विभाग की ओर से तैयार रेग्यूलेशन को अनुमोदन के लिए विधायकों के समक्ष रखा तो ज्यादातर विधायकों ने प्रस्तावित रेग्यूलेशन का विरोध करते हुए एक स्वर में इंदिरागांधी नहर में आठ बारी पानी देने की मांग की। मगर मुख्य अभियंता बांधों में कम पानी की आवक होने का कारण बताते हुए विधायकों की मांग को लगातार नकारते रहे और सात बारी पानी देने की जिद करते रहे।
पीलीबंगा विधायक धर्मेंद्र मोची ने तो यहां तक कह दिया कि चीफ साहब, आपके इस रेग्यूलेशन को देखकर पब्लिक हमारे कपड़े फाड़ देगी। इसलिए आपके इस रेग्यूलेशन पर मैं सहमति नहीं दूंगा। इस बीच हनुमानगढ़ विधायक चौधरी विनोद कुमार एकमात्र ऐसे विधायक थे जिन्होंने मुख्य अभियंता की बात का समर्थन करते हुए उपलब्ध पानी के हिसाब से विभाग की ओर से प्रस्तावित सात बारी के रेग्यूलेशन को उचित ठहराया। सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कांसनिया ने कृषि उप निदेशक दानाराम गोदारा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप बताओ, किसान इतने पानी में मान जाएंगे क्या। कृषि उप निदेशक ने कहा कि मानेंगे तो नहीं, लेकिन सब समझाएंगे तो समझेंगे ही। पानी की स्थिति तो सबके सामने है। कई देर तक रेग्यूलेशन को लेकर चर्चा करने के बाद आखिर में आठ बारी पानी का रेग्यूलेशन तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसमें सात बारी पानी तय रेग्यूलेशन के अनुसार ही चलाने तथा आठवीं बारी का निर्धारण बांधों में आवक बढऩे के बाद करने का निर्णय लिया गया। जनवरी में होने वाली समीक्षा बैठक में आठवीं बारी पानी मिलने या नहीं मिलने की स्थिति साफ हो जाएगी।
मुख्य अभियंता की ओर से उक्त संशोधित रेग्यूलेशन का प्रस्ताव रखने पर मौजूद सभी विधायकों ने इस पर सहमति प्रदान की। इसके बाद मुख्य अभियंता ने बैठक समाप्ति की घोषणा की। इस तरह इंदिरागांधी नहर में अब २६ सितम्बर से तीस अक्टूबर तक चार में दो समूह में पानी चलेगा। वहीं इसके बाद आगे की पांच बारियां तीन में एक समूह में चलेगी। जबकि छह मार्च को वर्तमान उपलब्ध पानी समाप्त हो जाएगा। मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बताया कि अक्टूबर में चार में दो समूह में नहरें चलाने के बाद सरसों व चने की बिजाई अच्छे तरीके से हो जाएगी। जबकि किसानों को मुख्य अभियंता ने गेहूं की बिजाई करने से बचने की सलाह दी है। मुख्य अभियंता ने बताया कि यदि किसान गेहूं की बिजाई करते हैं तो मार्च में उसे पकाने में दिक्कत आ सकती है। लेकिन प्रकृति की मेहरबानी होती है और बांधों में आवक की स्थिति सुधरती है तो किसानों को अतिरिक्त बारी पानी का लाभ भी मिल सकता है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष आठ बारी पानी का रेग्यूलेशन तैयार किया गया था। लेकिन बांधों में आवक सुधरने पर किसानों को मार्च में एक बारी अतिरिक्त पानी और दिया गया। यानी गत वर्ष इंदिरागंाधी नहर के किसानों को नौ बारी पानी दिया गया। लेकिन पानी के मामले में इस समय ज्यादा रिस्क कवर करना ठीक नहीं रहेगा। इसलिए जनवरी के आखिर में समीक्षा बैठक करके विधायकों की राय से आगे का रेग्यूलेशन रिवाइज कर लिया जाएगा। बैठक में हनुमानगढ़ विधायक चौधरी विनोद कुमार, संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी, पीलीबंगा के धर्मेंद्र मोची, सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कांसनिया, अनूपगढ़ विधायक संतोष बावरी, रायसिंहनगर विधायक बलवीर सिंह लूथरा, कलक्टर प्रतिनिधि व डीआईजी स्टांप कैलाशचंद्र, जल संसाधन विभाग के एसई धीरज चावला, एक्सईएन लखपत राय मेहरड़ा, शिवचरण रैगर, कृषि विभाग के उप निदेशक दानाराम गोदारा सहित अन्य मौजूद रहे।
समझिए पानी का गणित
२१ सितम्बर २०२० को किए गए आंकलन के अनुसार रावी व्यास नदियों के पानी में राजस्थान का डिप्लीशन अवधि में पानी का हिस्सा १७८३९६३ क्यूसेज डेज बनता है। इसमें इंदिरागांधी नहर परियोजना का हिस्सा १३३१८५७ क्यूसेक डेज है। इस उपलब्ध पानी के आधार पर विभाग ने सात बारी पानी का निर्धारण किया है। इसमें दो बारी पानी यानी 26 सितम्बर से तीस अक्टूबर २०२० तक इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने के बाद बाकी की पांच बारी तीन में एक समूह में चलाई जाएगी। इस रेग्यूलेशन के अनुसार नहरों को चलाने के लिए भी कुल १५६१३७५ क्यूसेक डेज पानी की जरूरत पड़ेगी। जाहिर है इस रेग्यूलेशन को प्रभावी बनाने में भी वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए २२९५१८ क्यूसेक डेज पानी की कमी रहेगी। बांधों के आसपास मावठ की अच्छी बारिश होने पर ही इंदिरागंाधी नहर क्षेत्र की फसलों को पकाई के लिए मांग के अनुसार सिंचाई पानी उपलब्ध हो सकेगा।
बढ़ रहा बिजाई का रकबा
बैठक में कृषि विभाग के उप निदेशक दानाराम गोदारा ने कहा कि आगामी पंद्रह से बीस दिन में खेत खाली हो जाएंगे। साथ ही कहा कि जिले मेें रबी सीजन में बिजाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि और वर्षों के मुकाबले गत वर्ष करीब एक लाख हैक्टेयर में अधिक बिजाई हुई थी।
कलसी कहे, वही सही
जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता जेएस कलसी की काफी चर्चा रही। बैठक शुरू होते ही पानी के बारे में कुछ जानकारी मांगते हुए पीलीबंगा विधायक धर्मेंद्र मोची ने कहा कि पानी के मामले में कलसी की गणना गजब की थी। इसलिए विभाग में यह कहावत प्रचलित थी कि 'खाता ना बही, कलसी कहे, वही सहीÓ। इसी तरह सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कासनियां ने भी कलसी के अनुभव को खूब सराहा। मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने कहा कि उनका विभाग में लंबा अनुभव रहा। हमने उनको सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं देने को लेकर खूब मनाया। लेकिन वह नहीं मान रहे।
करेंगे इंद्र भगवान से गुजारिश
आठ बारी पानी देने की मांग करते हुए सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कासनियां ने कहा कि मुख्य अभियंता साहब आप ईश्वर पर भरोसा रखो। आवक जरूर बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि चार लाख क्यूसेक पानी हम इंद्र देव से गुजारिश करके मांग लेंगे। आप तो विधायकों की मांग के अनुरूप रेग्यूलेशन तैयार कर लो। संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी ने चुटीले अंदाज में कहा कि विधायक जी आप तो माला लेकर आज से ही बैठ जाओ।
......मिनट टू मिनट.....
-जल परामर्शदात्री समिति की बैठक निर्धारित समय १२.३० बजे शुरू हुई।
-बैठक से पहले ही हनुमानगढ़ विधायक चौधरी विनोद कुमार दोपहर सवा बारह बजे मुख्य अभियंता के चैम्बर में पहुंच गए।
-पीलीबंगा विधायक धर्मेंद्र मोची १२.३२ बजे पहुंचे।
-संगरिया विधायक गुरदीप शाहपीनी १२.२९ बजे सभागार में पहुंचे।
-अनूपगढ़ विधायक संतोष बावरी १२.३८ बजे बैठक में पहुंची।
-सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कासनियां दोपहर १.१६ बजे बैठक में शामिल हुए।
-रायसिंहनगर विधायक बलवीर लूथरा दोपहर १.०३ बजे बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे।
-मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने दोपहर २.२० बजे बैठक समाप्ति की घोषणा की।
Published on:
23 Sept 2020 08:41 am
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