मिलावट से मुनाफा कमाना पड़ा महंगा, भुगतनी होगी सजा, भरना होगा जुर्माना

हनुमानगढ़. खाद्य पदार्थों के सैम्पल अमानक पाए जाने पर एडीएम कोर्ट हनुमानगढ़ ने पांचों खाद्य पदार्थ व्यापारियों पर दो लाख 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। यह राशि फर्म संचालकों को एक माह के भीतर जमा करवानी होगी।

By: adrish khan

Published: 21 Sep 2021, 06:19 PM IST

मिलावट से मुनाफा कमाना पड़ा महंगा, भुगतनी होगी सजा, भरना होगा जुर्माना
- घी, तेल, मावा व दूध के सैम्पल फेल, 2 लाख 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
- मिलावटी दूध विक्रय में सुनाई छह महीने की सजा
हनुमानगढ़. खाद्य पदार्थों के सैम्पल अमानक पाए जाने पर एडीएम कोर्ट हनुमानगढ़ ने पांचों खाद्य पदार्थ व्यापारियों पर दो लाख 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। यह राशि फर्म संचालकों को एक माह के भीतर जमा करवानी होगी। इसके अभाव में खाद्य विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर वसूली की कार्यवाही की जाएगी। मिलावटी दूध विक्रय के एक अन्य प्रकरण में विक्रेता को छह माह की सजा सुनाई गई।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान एवं नियमित निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीतसिंह यादव ने गत माह जिले में अनेक संस्थानों की जांच की। इस दौरान एकत्र किए गए नमूनों को जांच के लिए बीकानेर स्थित लैब में भेजा गया। जांच रिपोर्ट में पांच फर्म के नमूनों को अमानक व मिस ब्रांड पाया गया। उन्होंने बताया कि रावतसर के सतवीर जाट पुत्र किशनलाल जाट के संस्थान से मावा का सैम्पल भरा गया था, जो अमानक मिला। उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। पीलीबंगा के चेतराम पुत्र काशीराम स्वामी के संस्थान से भरा गया घी का सैम्पल फेल होने पर उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। नोहर के देवकीनंदन पुत्र चेतनदास के संस्थान से लिए गए सरसों के तेल का सैम्पल मिस ब्रांड पाए जाने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। हनुमानगढ़ निवासी राजेश कुमार पुत्र बलराम के संस्थान से गाय के दूध का सैम्पल भरा गया। सैम्पल फेल होने पर कोर्ट ने 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। हनुमानगढ़ के बालकिशन पुत्र रामचन्द्र हलवाई के संस्थान से मावा का सैम्पल लिया गया, जो फेल हो गया। उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
कारावास व जुर्माना दोनों
खाद्य अपमिश्रण अधिनियम 1956 के अंतर्गत एसीजेएम कोर्ट नोहर में दर्ज पुराने प्रकरण में मिलावटी दूध विक्रय का पीएफए एक्ट धारा 7/16 के तहत एक जने को दोषी करार दिया गया। दोषी पाए गए थालड़का निवासी राजवीर पुत्र बलवंत को छह माह के कारावास एवं 3 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। यह फैसला 17 अगस्त 2021 को सुनाया गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीतसिंह यादव ने बताया कि जिले में निरीक्षण की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि कहीं पर भी मिलावटी खाद्य सामग्री का बेचान किया जाता है तो इसकी सूचना चिकित्सा विभाग को दे।

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