सर्वे से सरकार ही नाखुश, पब्लिक को कैसे मिलेगी खुशी

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हनु्मानगढ़. लॉकडाउन प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार इन परिवारों का सर्वे करवा रही है। लेकिन अभी तक के सर्वे कार्य की प्रगति से सरकार नाखुश नजर आ रही है। इसके बाद शासन सचिव खाद्य ने सख्ती दिखाते हुए सभी जिला कलक्टर को सर्वे की धीमी गति में तेजी लाने के लिए कहा है।

 

By: Purushottam Jha

Published: 29 May 2020, 08:36 AM IST

सर्वे से सरकार ही नाखुश, पब्लिक को कैसे मिलेगी खुशी
-लॉकडाउन प्रभावित परिवारों को गेहूं व चना वितरित करने की योजना
-प्रदेश में सर्वे की कछुआ चाल लोगों के लिए बन रही मुसीबत
हनु्मानगढ़. लॉकडाउन प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार इन परिवारों का सर्वे करवा रही है। लेकिन अभी तक के सर्वे कार्य की प्रगति से सरकार नाखुश नजर आ रही है। इसके बाद शासन सचिव खाद्य ने सख्ती दिखाते हुए सभी जिला कलक्टर को सर्वे की धीमी गति में तेजी लाने के लिए कहा है। साथ ही सर्वे की अंतिम तिथि अब २९ से बढ़ाकर ३१ मई कर दी है। आगे उचित मूल्य दुकानों की मैपिंग का कार्य एक जून को संपन्न किया जाएगा। दो जून तक खाद्यान आवंटन कर १५ जून से सर्वे में शामिल परिवारों को नि:शुल्क राशन वितरित किया जाएगा। इस तरह अब केंद्र सरकार ने बिना खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल परिवारों को भी सरकारी राशन देने को लेकर कमर कस ली है।
मोबाइल एप के जरिए गांव व शहरों में सर्वे करवाया जा रहा है। जिला प्रशासन शीघ्र ऐसे लोगों की सूची तैयार करेगा, जो लॉकडाउन प्रभावित हैं और उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। कलक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार लॉकडाउन के दौरान आर्थिक रूप से प्रभावित लोगों व परिवारों, जिनके सामने लॉकडाउन के कारण दो वक्त के भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे प्रवासी व्यक्तियों एवं अन्य विशेष श्रेणी के परिवारों को खाद्यान्न सहायता के लिए सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया जा रहा है।

इस कैटगिरी को लाभ
लॉकडाउन प्रभावित प्रवासी व अन्य लोगों को नि:शुल्क राशन वितरित करने को लेकर सरकार कमर कसने जा रही है। इसमें कोविड-19 महामारी के कारण अस्थाई रूप से बंद हुए उद्योग धंधो एवं उसमें कार्यरत कार्मिकों यथा हैयर सैलून, धोबी, पोलिश करने वाले, ऑटो रिक्शा चालक, रसोईया, रद्दी बिनने वाले, निर्माण श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, फर्नीचर कार्मिक, ईंट भट्टों में लगे श्रमिक, टायर पंचर लगाने वाले, घुमंतु, अद्र्ध घुमंतु गाडिय़ा लुहार, कुली एवं मिट्टी के बर्तन बनाने वाले आदि के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा गेहूं का वितरण किया जाएगा। इसके लिए प्रवासियों एवं अन्य विशेष श्रेणी के परिवारों को ई मित्र पोर्टल या ई मित्र मोबाईल ऐप पर सर्वे फॉर्म में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। इससे पहले खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल लोगों को सरकारी राशन दिया जा रहा था। सरकार स्तर पर सर्वे में शामिल सभी लॉकडाउन प्रभावित परिवारों को पांच किलो प्रति यूनिट के हिसाब से गेहूं वितरित करने की तैयारी है। साथ ही चने का वितरण भी सरकार कर सकती है। अभी केवल राशन में गेहूं को शामिल किया गया है। अगले चरण में अन्य राशन सामग्री को शामिल किया जा सकता है।

सर्वे में केवल १४२२ परिवार
हनुमानगढ़ जिले में लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे श्रमिक, प्रवासियों में ११५३४ लोगों ने अभी तक यहां आने के लिए पंजीयन करवाया है। इसमें २४७२ प्रवासी/श्रमिक अभी तक आ चुके हैं। जबकि लॉकडाउन के कारण स्थानीय लोग भी काफी बेरोजगार हुए हैं। बावजूद अभी तक सरकार के मोबाइल एप पर हनुमानगढ़ जिले से केवल १४२२ परिवारों का रजिस्ट्रेशन राशन वितरण के लिए किया गया है।

......फैक्ट फाइल....
-हनुमानगढ़ जिले में कुल ६८१ राशन डिपो संचालित हैं।
-०२ लाख ६४ हजार परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े हैं।
-हनुमानगढ़ जिले में कुल ५ लाख 20 हजार परिवारों के राशन कार्ड बने हैं।
-हनुमानगढ़ जिले में रूटीन में ५३०० एमटी गेहूं का आवंटन हो रहा है।
-लॉकडाउन लागू होने पर पीएम गरीब कल्याण योजना में करीब ५००० एमटी का विशेष आवंटन हो रहा है।
-हनुमानगढ़ आने के लिए ११५३४ लोगों ने अभी तक पंजीयन करवाया है।

.....वर्जन......
करवा रहे सर्वे
लॉकडाउन प्रभावित प्रवासी व अन्य परिवारों को नि:शुल्क खाद्यान उपलब्ध करवाने को लेकर सर्वे कार्य चल रहा है। जून में अब बिना खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल उन सर्वे सूची वाले लोगों को भी खाद्यान वितरित किया जाएगा, जिनके सामने लॉकडाउन के कारण भोजन का संकट पैदा हो गया है। इसमें केंद्र सरकार स्तर पर राशन का आवंटन किया जाएगा।
-सुनील घोड़ेला, डीएसओ, हनुमानगढ़

Purushottam Jha Reporting
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