आठ महीने में अठन्नी का भी नहीं विकास, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत बजट आवंटन में देरी होने से बने हालात

Purushotam Jha | Publish: Jul, 14 2019 11:57:38 AM (IST) Hanumangarh, Hanumangarh, Rajasthan, India

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/

गांव और शहरों में विकास की गंगा बहाने का सपना दिखाकर नेताजी ने विधायकी के चुनाव में खूब वोट बटोरे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निर्वाचन के करीब आठ महीने बाद भी अब तक जिले के पांचों विधायकों ने अपने क्षेत्रों में ढेले का विकास भी नहीं करवाया है। हालांकि विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्य करवाने को लेकर जिला परिषद में प्रस्ताव भिजवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

आठ महीने में अठन्नी का भी नहीं विकास, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत बजट आवंटन में देरी होने से बने हालात
हनुमानगढ़. गांव और शहरों में विकास की गंगा बहाने का सपना दिखाकर नेताजी ने विधायकी के चुनाव में खूब वोट बटोरे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निर्वाचन के करीब आठ महीने बाद भी अब तक जिले के पांचों विधायकों ने अपने क्षेत्रों में ढेले का विकास भी नहीं करवाया है। हालांकि विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्य करवाने को लेकर जिला परिषद में प्रस्ताव भिजवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मगर जिला परिषद कोष में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत देरी से बजट आवंटन होने के कारण विकास कार्यों को गति नहीं मिल रही है। गत कार्यकाल की बात करें तो निर्वाचित पांचों एमएलए के लिए वर्ष २०१४-१५ से २०१८-१९ तक जिले में ९४५ कार्य करवाने के लिए ५३७५ लाख रुपए की राशि जिला परिषद को प्राप्त हुई थी। इसमें मार्च २०१९ तक 4261 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। साथ ही ९४५ विकास कार्यों में से ८४३ कार्य पूर्ण करवाए जा चुके हैं तथा १०२ कार्य अभी पूर्ण होने को हैं। इनमें ७१४ कार्यों के कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जिला परिषद को प्राप्त हो गए हैं। जबकि १२९ कार्यों के कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन कार्यों को पूर्ण करवाकर इनके दस्तावेजों को पूर्ण करने की प्रक्रिया में जिला परिषद की टीम लगी हुई है। वहीं हाल ही में नव निर्वाचित विधायकों के फंड में बजट आवंटन को लेकर सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं। बजट अलॉटमेंट की सूचना संबंधित विधायकों को जिला परिषद की ओर से भिजवा दी गई है। जैसे-जैसे विकास कार्यों की अभिशंषा विधायकों की ओर से जिला परिषद को प्राप्त होगी, उसके आधार पर ही गांवों व शहरों में विकास कार्य पूर्ण करवाए जाएंगे।

एक दौर ऐसा भी रहा
वर्तमान में जहां काफी विलंब से एमएलए फंड का अलॉटमेंट किया गया है, वहीं एक दौर ऐसा भी रहा है जब राजस्थान के एमएलए ने लापरवाही के चलते करोड़ों रुपए खर्च ही नहीं किए। वर्ष २०११ से २०१६ के बीच राजस्थान में एमएलए फंड से आवंटित राशि में से १०९३ करोड़ रुपए खर्च नहीं होने का जिक्र पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने हाल ही में प्रदेश में विधायकों की बैठक के दौरान किया था। विकास की बाट जोह रहे गांवों की सूरत बदलने के लिए चाहिए कि विधायक अपने कर्तव्य को जानें और प्राप्त बजट का सही उपयोग करना भी सीखें।

......वर्जन.....
भिजवा दी सूचना
हाल ही मेें एमएलए फंड से बजट अलॉटमेंट होने के बाद सभी विधायकों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य संबंधी प्रस्ताव भिजवाएं। विकास कार्यों की अभिशंषा प्राप्त होने के बाद वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी करके कार्य पूर्ण करवाने का प्रयास रहेगा।
परशुराम धानका, सीईओ, जिला परिषद हनुमानगढ़

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned