इंदिरागांधी नहर में बंदी अवधि में कटौती, अब 70 की बजाय 60 दिन की होगी बंदी

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हनुमानगढ़. अप्रेल-मई के भीषण गर्मी में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बने, इसे देखते हुए अब इंदिरागांधी नहर में बंदी की अवधि कम कर दी गई है। साथ ही मौसम के मिजाज को देखते हुए नहरबंदी की तारीख में भी मामूली बदलाव किया गया है।

 

By: Purushottam Jha

Published: 16 Mar 2021, 09:21 AM IST

इंदिरागांधी नहर में बंदी अवधि में कटौती, अब 70 की बजाय 60 दिन की होगी बंदी
-पेयजल संबंधी दिक्कतों को देखते हुए बंदी अवधि घटाई
-बंदी के दौरान राजस्थान भाग में ४९ किमी व पंजाब क्षेत्र में ३० किमी में होंगे रीलाइनिंग के कार्य
हनुमानगढ़. अप्रेल-मई के भीषण गर्मी में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बने, इसे देखते हुए अब इंदिरागांधी नहर में बंदी की अवधि कम कर दी गई है। साथ ही मौसम के मिजाज को देखते हुए नहरबंदी की तारीख में भी मामूली बदलाव किया गया है। इसके तहत अब बीस मार्च की बजाय २९ मार्च से बंदी लेने का निर्णय लिया गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बंदी अविध में कमी करके ७० की बजाय अब ६० दिन की बंदी ली जाएगी। पंजाब सरकार को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है। इसमें २९ मार्च से २९ मई तक होने वाली नहरबंदी में पहले तीस दिनों तक २००० क्यूसेक पानी पेयजल के लिए चलाया जाएगा।
इसके बाद २९ अप्रेल से २९ मई तक पूर्ण बंदी ली जाएगी। इस अवधि में राजस्थान क्षेत्र की इंदिरागांधी मुख्य नहर के ४९ किलोमीटर क्षेत्र में रीलाइनिंग का कार्य किया जाएगा। इसके लिए २५० करोड़ रुपए मंजूर कर दिए गए हैं। इसी तरह इंदिरागांधी मुख्य नहर पंजाब भाग में ३० किमी क्षेत्र में रीलाइनिंग सहित अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे। पंजाब में चरणबद्ध तरीके से १०० किमी में होने वाले रीलाइनिंग कार्य के लिए १३०० करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। रीलाइनिंग कार्य होने के बाद नहरों में रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। वर्तमान में जगह-जगह से नहर की लाइनिंग जर्जर हो चुकी है। इसके कारण नहरों में पानी का लीकेज भी बढ़ रहा है। रीलाइनिंग कार्य पूर्ण होने के बाद रेग्यूलेशन के अनुसार नहरों में पानी चलना संभव हो सकेगा। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित प्रदेश के दस जिलों को जलापूर्ति होती है।

रेग्यूलेशन पर नजर
चालू रबी सीजन में इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी चलाने को लेकर जो रेग्यूलेशन बनाया गया था, उसके तहत सात बारी पानी का रेग्यूलेशन छह मार्च २०२१ को पूरा हो चुका है। इसके बाद इसमें पेयजल ही चलाया जा रहा है। इसी तरह भाखड़ा नहर में २० मार्च तक १००० क्यूसेक पानी चलाया जाएगा। वहीं गंगकैनाल में ३१ मार्च तक १८०० क्यूसेक पानी चलेगा।

.....फैक्ट फाइल.....
-राजस्थान क्षेत्र में इंदिरागांधी नहर की लंबाई 445 किमी है।
-चालू वर्ष में बंदी अवधि के दौरान राजस्थान भाग में ४९ किमी में रीलाइनिंग कार्य होंगे।
-राजस्थान क्षेत्र में रीलाइनिंग कार्य पर २५० करोड़ खर्च होंगे।
-इस नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू व नागौर सहित प्रदेश के 10 जिलों की प्यास बुझ रही है।
-1958 में इंदिरागांधी फीडर का निर्माण शुरू हुआ था।
-11 अक्टूबर 1961 में राजस्थान में पहली बार इंदिरागांधी नहर की नौरंगदेसर वितरिका में पानी प्रवाहित किया गया था।
-नहरी क्षेत्रों से राज्य में 4000- 5000 करोड़ का उत्पादन हो रहा है।

......वर्जन....
इंदिरागंाधी नहर में पहले ७० दिन की बंदी घोषित की गई थी। लेकिन अब इसकी अवधि घटाकर साठ दिन कर दी गई है। इस अवधि में राजस्थान भाग में ४९ किमी व पंजाब भाग में ३० किमी में रीलाइनिंग कार्य होंगे। इसे लेकर बजट मंजूर हो चुका है। पंजाब के साथ समन्वय बैठक भी हो चुकी है। निर्धारित प्रोजेक्ट के तहत बंदी अवधि में रीलाइनिंग कार्य करवाएंगे।
-विनोद मित्तल, मुख्य अभियंता, जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़

Purushottam Jha Reporting
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