इंदिरागांधी नहर में बंदी अवधि में कटौती, अब 70 की बजाय 60 दिन की होगी बंदी
-पेयजल संबंधी दिक्कतों को देखते हुए बंदी अवधि घटाई
-बंदी के दौरान राजस्थान भाग में ४९ किमी व पंजाब क्षेत्र में ३० किमी में होंगे रीलाइनिंग के कार्य
हनुमानगढ़. अप्रेल-मई के भीषण गर्मी में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बने, इसे देखते हुए अब इंदिरागांधी नहर में बंदी की अवधि कम कर दी गई है। साथ ही मौसम के मिजाज को देखते हुए नहरबंदी की तारीख में भी मामूली बदलाव किया गया है। इसके तहत अब बीस मार्च की बजाय २९ मार्च से बंदी लेने का निर्णय लिया गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बंदी अविध में कमी करके ७० की बजाय अब ६० दिन की बंदी ली जाएगी। पंजाब सरकार को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है। इसमें २९ मार्च से २९ मई तक होने वाली नहरबंदी में पहले तीस दिनों तक २००० क्यूसेक पानी पेयजल के लिए चलाया जाएगा।
इसके बाद २९ अप्रेल से २९ मई तक पूर्ण बंदी ली जाएगी। इस अवधि में राजस्थान क्षेत्र की इंदिरागांधी मुख्य नहर के ४९ किलोमीटर क्षेत्र में रीलाइनिंग का कार्य किया जाएगा। इसके लिए २५० करोड़ रुपए मंजूर कर दिए गए हैं। इसी तरह इंदिरागांधी मुख्य नहर पंजाब भाग में ३० किमी क्षेत्र में रीलाइनिंग सहित अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे। पंजाब में चरणबद्ध तरीके से १०० किमी में होने वाले रीलाइनिंग कार्य के लिए १३०० करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। रीलाइनिंग कार्य होने के बाद नहरों में रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। वर्तमान में जगह-जगह से नहर की लाइनिंग जर्जर हो चुकी है। इसके कारण नहरों में पानी का लीकेज भी बढ़ रहा है। रीलाइनिंग कार्य पूर्ण होने के बाद रेग्यूलेशन के अनुसार नहरों में पानी चलना संभव हो सकेगा। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित प्रदेश के दस जिलों को जलापूर्ति होती है।